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डोमिसाइल की नो टेंशन, हरियाणा में बाहरी लोग भी चला सकेंगे होम स्टे; 15 लाख तक के लोन पर सब्सिडी

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:40 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने होम स्टे नीति में बदलाव किया है, जिससे अब दूसरे राज्यों से आकर बसे लोग भी पर्यटकों को होम स्टे करा सकेंगे।

हरियाणा में अब बाहर से आकर बसे लोग भी पर्यटकों को करा सकेंगे होम स्टे।

हरियाणा में अब बाहर से आकर बसे लोग भी पर्यटकों को करा सकेंगे होम स्टे।

HighLights

  1. डोमिसाइल प्रमाणपत्र की अनिवार्यता समाप्त, अब कोई भी करा सकेगा होम स्टे

  2. ग्रामीण और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नीति में बदलाव

  3. गृह स्वामियों को अतिरिक्त आय, पर्यटकों को घर जैसा माहौल मिलेगा

सुधीर तंवर, चंडीगढ़। हरियाणा में अब दूसरे राज्यों से आकर बसे लोग भी पर्यटकों को होम स्टे करा सकेंगे। ग्रामीण और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने होम स्टे नीति में बदलाव किया है। बदली शर्तों के तहत होम स्टे के पंजीकरण और संचालन के लिए डोमिसाइल प्रमाणपत्र की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है।

विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल द्वारा अधिसूचित नई पालिसी के तहत हरियाणा में होम स्टे चलाने के लिए हरियाणा डोमिसाइल प्रमाणपत्र देना अनिवार्य नहीं होगा। यह फैसला केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय की अनुपालन में कमी और नियमन हटाने की प्रक्रिया के तहत की गई सिफारिशों के अनुपालन में लिया गया है।

इससे पहले 11 जून को जारी हुई हरियाणा होम स्टे अमेंडमेंट स्कीम-2024 में हरियाणा डोमिसाइल को पंजीकरण के लिए अनिवार्य किया गया था। अब सरकार ने इस शर्त को समाप्त कर दिया है। यह संशोधन होम स्टे पंजीकरण से जुड़ी दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

पर्यटकों को घर जैसे माहौल में ठहरने की सुविधा और गृह स्वामियों को अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध कराने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह योजना शुरू की थी। गृह स्वामी अपने घर की अतिरिक्त जगह पर्यटकों को तयशुदा दरों पर पूर्ण बोर्डिंग के साथ दे सकते हैं। हालांकि होम स्टे मालिक को अपने घर में रहना अनिवार्य होगा।

साथ ही आगंतुकों को स्थानीय कृषि गतिविधियों जैसे फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन, डेयरी से परिचित कराया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से पात्र होम स्टे इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। इनमें कमरों के नवीनीकरण के लिए अधिकतम 15 लाख रुपये तक ऋण पर तीन वर्ष तक सौ प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, घरेलू दरों पर बिजली-पानी और स्थानीय करों में छूट शामिल हैं।