बदलती सामाजिक परिस्थितियों में रिश्ते होंगे मजबूत, शादी के बंधन से पहले प्यार, समझ और संवाद की लगेगी पाठशाला
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और एजेंसियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य विवाह से पहले संवाद और काउंसलिंग को बढ़ावा देना है।

विवाह की योजना बना रहे युवाओं और संभावित जोड़ों के लिए पहल। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के लिए एडवाइजरी जारी की।
विवाह से पहले संवाद-काउंसलिंग को बढ़ावा देना लक्ष्य।
युवाओं को 'तेरे मेरे सपने' पोर्टल से जुड़ने का आग्रह।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। बदलती सामाजिक परिस्थितियों में रिश्तों को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने बड़ी पहल की है। शादी के बंधन से पहले प्यार, समझ और संवाद की पाठशाला लगेगी।
विवाह की योजना बना रहे युवाओं और संभावित जोड़ों को ‘तेरे मेरे सपने’-प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर से जुड़ने का आग्रह किया है। इसके लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और विवाह संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस पहल को सराहा है और बताया कि इसका उद्देश्य विवाह से पहले युवाओं के बीच सार्थक संवाद, आपसी समझ और सूचित निर्णय लेने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
आयोग के अनुसार, बदलती सामाजिक परिस्थितियों में कई वैवाहिक विवाद विवाह से पहले अपेक्षाओं, करियर, पारिवारिक जिम्मेदारियों, आर्थिक प्रबंधन, व्यक्तिगत मूल्यों और भावनात्मक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त बातचीत नहीं होने के कारण सामने आते हैं।
इस पहल के तहत विवाह की योजना बना रहे युवा ncwpmcc.icsr.in पोर्टल पर पंजीकरण कर आनलाइन प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन एवं काउंसलिंग सत्रों में भाग ले सकते हैं। विशेषज्ञों द्वारा संचालित इन सत्रों में युवाओं को वैवाहिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद और मार्गदर्शन का अवसर मिलेगा।
आयोग ने मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और एजेंसियों से अपने पंजीकृत उपयोगकर्ताओं तथा विवाह की योजना बना रहे संभावित जोड़ों को इस पहल की जानकारी देने का आग्रह किया है। साथ ही वेबसाइट, मोबाइल एप, सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म और कार्यालयों में इस संबंध में जागरूकता सामग्री, बैनर और लिंक प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
एडवाइजरी में मैट्रिमोनियल प्लेटफार्म से विवाह में संवाद, पारस्परिक सम्मान, समानता, भावनात्मक समझ और साझा जिम्मेदारियों के महत्व को बढ़ावा देने की भी अपील की गई है। आयोग का मानना है कि विवाह से पहले खुला और सार्थक संवाद गलतफहमियों को कम करने, आपसी समझ मजबूत करने तथा स्थिर एवं सौहार्दपूर्ण पारिवारिक संबंधों की नींव रखने में सहायक हो सकता है।
