हरियाणा में 15 ऐतिहासिक स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन पर प्रतिबंध, निर्माण के लिए सरकार की लेनी पड़ेगी मंजूरी
हरियाणा के नौ जिलों में 15 संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन पर रोक लगेगी, जबकि 30 मीटर तक निर्माण के लिए सरकारी मंजूरी आवश्यक होगी। ...और पढ़ें

ऐतिहासिक स्मारकों में खनन पर प्रतिबंध। फाइल फोटो
HighLights
15 संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर में खनन प्रतिबंधित।
30 मीटर दायरे में निर्माण को सरकारी मंजूरी अनिवार्य।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई, विभाग ने मांगे सुझाव।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के नौ जिलों नूंह, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, कैथल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, पलवल और राेहतक में 15 संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन पर रोक लगेगी। ऐतिहासिक महत्व के इन स्थलों के 30 मीटर के दायरे में निर्माण कार्य करने के लिए भी सरकार की मंजूरी लेनी पड़ेगी।
प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन या विनियमित क्षेत्र कार्यालय से मंजूरी लिए बगैर निर्माण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विरासत तथा पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल ने 15 धरोहरों की संरक्षित सीमा से 15 मीटर तक के क्षेत्र को प्रतिषिद्ध और इससे आगे के 30 मीटर क्षेत्र को विनियमित क्षेत्र घोषित करने के लिए हितधारकों से दो महीने में आपत्तियां और सुझाव मांगें हैं।
संरक्षित क्षेत्राें में न कोई खनन किया जा सकेगा और न कोई निर्माण। इससे आगे के 30 मीटर को विनियमित क्षेत्र घोषित करने का अर्थ है कि संबंधित स्थान पर भवन बनाने के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय से भवन का नक्शा पास कराना होगा, अन्यथा भवन को अवैध घोषित कर दिया जाएगा।
इन स्मारकों-स्थलों को किया गया है संरक्षित
- 1. 1576 ईस्वी में बना तीन मंजिला गुंबद, गुमट बिहारी, नूंह
- 2. प्राचीन स्थल तिगड़ाना, भिवानी
- 3. प्राचीन स्थल मिताथल, भिवानी
- 4. 20वीं शताब्दी के गुंबदों का समूह, तावडू, नूंह
- 5. 18वीं शताब्दी की नागपुरिया बावड़ी, नारनौल
- 6. 18-19वीं शताब्दी की मुकुंदपुरा बावड़ी, नारनौल
- 7. श्यामसर तालाब, चरखी दादरी
- 8. कैथल का किला
- 9. छतरियों का समूह, रेवाड़ी
- 10. सोहना का किला
- 11. आश्व खेड़ा, गोपालगढ़, पलवल
- 12. महेंद्रगढ़ का किला
- 13. कोडला खेड़ा का पुराना टीला, बंचारी, पलवल
- 14. बाबू बाल मुकुंद की विरासती हवेली, गुडियानी, रेवाड़ी
- 15. उपायुक्त निवास, रोहतक