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हरियाणा पुलिस का बड़ा एक्शन, गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले 67 गाने हटाए; आतंकी संगठनों के 12 इंस्टाग्राम अकाउंट बंद

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:31 PM (IST)

हरियाणा पुलिस की एसटीएफ ने इंटरनेट मीडिया पर नशा, गैंगस्टर और गन कल्चर का महिमामंडन करने वाले 67 गाने हटा दिए हैं।

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल। फोटो जागरण

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल। फोटो जागरण

HighLights

  1. एसटीएफ ने नशा, गैंगस्टर, गन कल्चर के महिमामंडन पर अभियान तेज किया।

  2. इंटरनेट मीडिया से 67 आपत्तिजनक गाने हटाए गए, आपराधिक जीवनशैली का महिमामंडन।

  3. युवाओं की काउंसलिंग और कलाकारों को सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस की स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इंटरनेट मीडिया पर नशा, गैंगस्टर, गैंग संस्कृति, हथियारों और हिंसा के महिमामंडन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। अभी तक 67 गाने आनलाइन प्लेटफार्म से हटाए जा चुके हैं, जिनमें आपराधिक जीवनशैली को ‘ग्लैमर’ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था।

गैंग, गैंगस्टर, हथियारों एवं हिंसा का महिमामंडन करने वाले आनलाइन कंटेंट की पहचान और समीक्षा के लिए एसटीएफ में एक समर्पित समिति बनाई गई है। समिति द्वारा गीतों, म्यूजिक वीडियो तथा अन्य डिजिटल सामग्री की लगातार निगरानी के साथ ही आनलाइन प्लेटफार्म और मध्यस्थों को कानूनी कार्रवाई के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट भी शराब, नशीले पदार्थों एवं हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों को सार्वजनिक रूप से, जिसमें लाइव कार्यक्रम भी शामिल हैं, बजाने से रोकने के आदेश दे चुका है।

युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा पुलिस ने केवल आपत्तिजनक कंटेंट हटाने तक सीमित न रहते हुए इसके सामाजिक प्रभावों को कम करने के लिए युवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से गैंगस्टर एवं गन कल्चर से प्रभावित करीब 200 युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

युवाओं पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव

आपत्तिजनक इंटरनेट मीडिया कंटेंट अन्य राज्यों के साथ साझा किए गए, ताकि ऐसे कंटेंट और प्रोफाइल के खिलाफ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि ऐसी मानसिकता और डिजिटल वातावरण पर भी प्रभावी अंकुश लगाना है जो अपराध को आकर्षक या प्रतिष्ठित रूप में प्रस्तुत करता है।

इसी कड़ी में हरियाणवी संगीत जगत के प्रमुख गायकों, गीतकारों एवं निर्माताओं के साथ बैठक की गई जिसमें उन्हें भड़काऊ गानों के सामाजिक दुष्प्रभावों तथा युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।