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हड़ताल का असर: हरियाणा में नहीं उठा तीन हजार टन कूड़ा, बारिश होने से फैल रही बदबू; 87 निकायों में सफाई ठप

Published: Sat, 08 Aug 2026 01:51 PM (GMT+05:30)

नगर पालिका और अग्निशमन कर्मचारी संघ ने मांगों की अनदेखी पर हड़ताल बढ़ाने का फैसला किया है।

हरियाणा में नहीं उठा तीन हजार टन कूड़ा (File Photo)

हरियाणा में नहीं उठा तीन हजार टन कूड़ा (File Photo)


HighLights

  1. नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल से 3000 टन कूड़ा जमा।

  2. नागरिक सेवाएं प्रभावित, सफाई और सीवर कार्य ठप।

  3. ठेका प्रथा समाप्त करने और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन ने मांगों की अनदेखी से नाराज होकर हड़ताल को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी शुक्रवार को विभिन्न शहरों में तीन हजार टन कूड़ा नहीं उठाया गया, जिससे स्थिति गंभीर नजर आई।

हड़ताल से सफाई, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य नागरिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने दावा किया कि 45 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शनिवार को हड़ताल के तीन दिन हो गए लेकिन अभी तक सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

45 हजार कर्मचारी हड़ताल पर

नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने दावा किया कि 45 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शनिवार को हड़ताल के तीन दिन हो जाएंगे, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक में हड़ताल को आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन बीती छह अगस्त को जारी पत्र में उन सहमत मांगों को शामिल नहीं किया गया।

संघ नेताओं की मांग, ठेका प्रथा खत्म हो

संघ नेताओं ने मांग की कि सीवर सफाई कार्यों में ठेका प्रथा तत्काल समाप्त की जाए। ठेके पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को विभागीय रोल पर लिया जाए, विभागीय रोल पर आने तक बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन दिया जाए।

सभी कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआइ सहित श्रम कानूनों के अंतर्गत मिलने वाली सभी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सीवर सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरते हुए नए पद सृजित कर नियमित भर्ती की जाए।

गर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक में हड़ताल को आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन बीती छह अगस्त को जारी पत्र में उन सहमत मांगों को शामिल नहीं किया गया।

संघ नेताओं ने मांग की कि सीवर सफाई कार्यों में ठेका प्रथा तत्काल समाप्त की जाए। ठेके पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को विभागीय रोल पर लिया जाए, विभागीय रोल पर आने तक बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन दिया जाए।

सभी कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआइ सहित श्रम कानूनों के अंतर्गत मिलने वाली सभी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सीवर सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरते हुए नए पद सृजित कर नियमित भर्ती की जाए।