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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chandigarh में कांग्रेस विधायक दल की हुई बैठक, विधायकों को पूर्व CM हुड्डा की सलाह; बोले- हलके में न लें चुनाव

    By Jagran NewsEdited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Wed, 06 Dec 2023 09:01 PM (IST)

    नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस के कई विधायक शामिल होने के लिए पहुँ ...और पढ़ें

    चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो चुकी है शुरू
    चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो चुकी है शुरू

    HighLights

    1. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में रही चार राज्यों के चुनाव नतीजों की चर्चा
    2. विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियों पर हुई चर्चा
    3. एक दर्जन मुद्दों पर काम रोको प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल (Congress Legislature Party Meeting) की बैठक हुई। यह मीटिंग नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hudda) की अगुवाई में की गई। इस बैठक में कांग्रेस के कई विधायक शामिल होने के लिए पहुंचे और इनके अलावा बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान भी पहुंचे।

    हुड्डा ने विधायकों को दी नसीहत

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस विधायकों से कहा है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों को वे हलके में न लें। इन चुनाव नतीजों से सबक लेकर सभी विधायक और पार्टी उम्मीदवार अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पूरी मेहनत से काम करें।

    हुड्डा ने कहा कि किसी भी विधायक अथवा पार्टी उम्मीदवार को इस खुशफहमी में रहने की जरूरत नहीं है कि सब कुछ बढ़िया है और उन्हें मेहनत करने की जरूरत नहीं है। यह सही बात है कि हरियाणा की भाजपा सरकार से लोग छुटकारा पाना चाहते हैं, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस विधायकों, पूर्व विधायकों व पार्टी उम्मीदवारों को फील्ड में रहकर जबरदस्त तरीके से मेहनत करनी होगी।

    सीएम के आवास पर हुई बैठक

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बुधवार को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक ले रहे थे। बैठक में 15 दिसंबर से आरंभ हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियों पर चर्चा की गई।

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    इसके साथ ही भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। करीब एक दर्जन मुद्दों पर विधानसभा सचिवालय को काम रोको तथा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव देने पर बैठ में सहमति बनी है।

    तीन राज्यों के चुनाव नतीजों पर हुई विस्तार से चर्चा

    कांग्रेस विधायकों ने तीन राज्यों के चुनाव नतीजों पर विस्तार से चर्चा की तथा तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनने पर खुशी जताई। हुड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भाजपा भले ही चुनाव जीत गई, लेकिन उसका मत प्रतिशत अधिक नहीं है।

    कांग्रेस के मत प्रतिशत में पिछले चुनावों की अपेक्षा बढ़ोतरी हुई है। लेकिन फिर भी इन चुनाव नतीजों से सबक लेकर हरियाणा में पूरी मेहनत के साथ फील्ड में जाना होगा तथा लोगों के सुख दुख में शामिल होकर उन्हें गठबंधन सरकार की नाकामियों से अवगत कराना होगा।

    हरियाणा की राजनीति बाकी राज्यों से अलग

    कांग्रेस विधायक दल में कहा गया कि हरियाणा की राजनीति का मिजाज बाकी राज्यों से अलग है। यहां भाजपा सरकार का जाना तय है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस विधायक फील्ड में काम न करें।

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    बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के प्रति अपराध, जहरीली शराब से हुई मौतें, शिक्षा के स्तर में गिरावट, राज्य में डाक्टरों की भारी कमी, प्रदूषण में बढ़ोतरी और खेल नीति में खिलाड़ियों के विरुद्ध बदलाव के मुद्दों को लेकर काम रोको प्रस्ताव दिए गए हैं।

    सत्र कर दिया जाता है जल्दी खत्म

    करीब एक दर्जन मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए गए, लेकिन सरकार के पास इनका जवाब नहीं होता, इसलिए विधानसभा स्पीकर से इन काम रोको प्रस्ताव व ध्यानाकर्षण प्रस्तावों को खारिज करवा दिया जाता है।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की नीयत साफ नहीं है, इसलिए विधानसभा का शीतकालीन सत्र मात्र तीन दिन का किया जा रहा है। विपक्ष कभी भी चर्चा से नहीं भागता, चूंकि सरकार के पास राज्य में हुए घोटालों को लेकर कोई जवाब नहीं होता, इसलिए सत्र जल्दी खत्म कर दिया जाता है।

    हरियाणा और दिल्ली सबसे असुरक्षित

    हुड्डा ने कहा कि हरियाणा हर हिसाब से पिछड़ रहा है। हरियाणा और दिल्ली दो राज्य ऐसे हैं, जो सबसे ज्यादा असुरक्षित राज्य हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा विधानसभा में विपक्ष के किसी सवाल का जवाब नहीं देने से जुड़े प्रश्न पर हु्ड्डा ने कहा कि यह सरकार की अंदरुनी लड़ाई है।

    हमें इसके कोई मतलब नहीं है। सदन के नेता की जिम्मेदारी होती है कि वह विपक्ष के हर सवाल का तथ्यों के साथ जवाब दे। हुड्डा के अनुसार विधानसभा सत्र से एक दिन पहले 14 दिसंबर को दोबारा फिर कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई है।