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हरियाणा में 504 करोड़ के बैंक घोटाले में CBI ने दाखिल की एक और चार्जशीट, 6 IAS समेत 19 आरोपी नामजद

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:24 PM (IST)

सीबीआई ने हरियाणा सरकार के धन के कथित गबन मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 6 IAS अधिकारी और बैंक अधिकारी शामिल हैं।

IDFC फंड गबन मामले में CBI ने दाखिल की तीसरी चार्जशीट।

IDFC फंड गबन मामले में CBI ने दाखिल की तीसरी चार्जशीट।

HighLights

  1. सीबीआई ने 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की

  2. 6 IAS अधिकारी और बैंक अधिकारी भी इसमें शामिल हैं

  3. 504 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन हुआ

राजेश मलकानियां, पंचकूला। हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में रखे सरकारी धन के कथित गबन के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है।

CBI ने 2 सितंबर 2026 को पंचकूला स्थित CBI मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत में 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में हरियाणा कैडर के छह IAS अधिकारी, IDFC फर्स्ट बैंक के तीन अधिकारी, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक अधिकारी तथा हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी शामिल हैं।

CBIDFC फंड गबन मामले में CBI की तीसरी चार्जशीट,I के अनुसार आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने, खातों में हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात और उकसाने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वतखोरी और आपराधिक कदाचार के आरोप भी लगाए गए हैं।

बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर रची गई साजिश

जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर योजनाबद्ध तरीके से सरकारी धन के गबन की साजिश को अंजाम दिया। हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संस्थानों की राशि विभिन्न पैनल में शामिल बैंकों से निकालकर IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की चिन्हित शाखाओं में स्थानांतरित की गई।

CBI के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में हरियाणा सरकार के वित्त विभाग की वित्तीय सावधानी और धोखाधड़ी की रोकथाम संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। इसके बाद इन खातों में जमा सरकारी धन को कथित तौर पर फर्जी तरीके से ऐसे तीसरे पक्षों के खातों में ट्रांसफर किया गया, जिनका संबंधित सरकारी विभागों से कोई संबंध नहीं था।

8 सरकारी विभाग और संस्थान प्रभावित

इस घोटाले से हरियाणा सरकार के पंचायत विभाग, पंचकूला और कालका नगर निगम, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP), हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (HLWB), हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) प्रभावित हुए हैं।

CBI के अनुसार इस मामले में कुल 504 करोड़ रुपये की राशि के गबन का पता चला है। जांच में यह भी सामने आया कि गबन की रकम को कई बैंक खातों के जरिए इधर-उधर कर उसकी लेयरिंग की गई और बाद में नकदी में परिवर्तित किया गया। इस प्रक्रिया से आरोपियों द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से आर्थिक लाभ हासिल किया गया।

अब तक 37 आरोपी चार्जशीट

CBI ने इससे पहले इस मामले में 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की थीं। इनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के कर्मचारी, निजी व्यक्ति और निजी कंपनियां शामिल हैं।

बुधवार को 19 और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले में अब तक कुल 37 आरोपियों को चार्जशीट किया जा चुका है। CBI ने मामले में अब तक 54 स्थानों पर तलाशी ली है और करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य का सोना समेत कई महत्वपूर्ण एवं आपत्तिजनक साक्ष्य जब्त किए हैं। जांच एजेंसी अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

चंडीगढ़ के दो मामलों की भी CBI कर रही जांच

राज्य सरकार के अनुरोध पर CBI ने इस मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। इसके अलावा CBI ने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और नगर निगम चंडीगढ़ से संबंधित है, जबकि दूसरा चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) से जुड़ा है। दोनों मामलों में CBI पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

CBI ने स्पष्ट किया है कि तीनों मामलों में अन्य संदिग्धों और आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी। एजेंसी का कहना है कि सरकारी धन के गबन से जुड़े पूरे वित्तीय ट्रेल का पता लगाने और अपराध से अर्जित धन की प्रभावी तरीके से पहचान एवं बरामदगी की दिशा में जांच जारी है।