हरियाणा में हिरासत में मौत पर मिलेगा 7.5 लाख मुआवजा, दोषी पुलिसकर्मियों से होगी आधी भरपाई
हरियाणा में अब पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके कानूनी वारिसों को साढ़े सात लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। ...और पढ़ें
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हरियाणा में अब पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत पर साढ़े सात लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
HighLights
पुलिस हिरासत में मौत पर 7.5 लाख रुपये मुआवजा।
दोषी पुलिस अधिकारी से आधी राशि की वसूली होगी।
नई नीति गृह सचिव सुधीर राजपाल ने अधिसूचित की।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अब पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत पर उसके कानूनी वारिसों को साढ़े सात लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। पुलिस पिटाई या प्रताड़ना के मामलों में आधी राशि की भरपाई सरकार उस पुलिस अधिकारी-कर्मचारी की जेब से करेगी, जिसकी अभिरक्षा में व्यक्ति की मौत हुई है। अगर दोषी दो या इससे अधिक हुए तो उन्हें मिलकर मुआवजे की आधी राशि चुकानी होगी।
गृह सचिव सुधीर राजपाल ने नई नीति अधिसूचित कर दी है। इसके अनुसार पुलिस थाना, चौकी या वाहन सहित किसी भी स्थान पर हरियाणा पुलिस की हिरासत के दौरान व्यक्ति की मृत्यु होने पर मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों और निकटतम परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा।
हालांकि, बीमारी के कारण हुई मृत्यु सहित प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस हिरासत से भागने के दौरान एनकाउंटर में हुई मौत पर भी सरकार सहायता राशि नहीं देगी। पुलिस हिरासत में रखे गए व्यक्तियों के बीच झगड़े, पुलिस अमले की पिटाई, पुलिस कर्मचारियों या चिकित्सा अधिकारियों और पैरा मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई मौत की स्थिति में आश्रितों को साढ़े सात लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर लेता है, तो उसके स्वजन को भी मुआवजा दिया जाएगा।
हिरासत में मौत के मामले में स्वजन को मुआवजे के लिए संबंधित पुलिस अधीक्षक मृत्यु की विस्तृत रिपोर्ट, न्यायिक जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु का मुख्य कारण और मृत्यु से पूर्व दिये गये चिकित्सा उपचार (यदि कोई हो) सहित पूरी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को भेजेंगे। नई नीति केवल पुलिस हिरासत में रखे गए उन व्यक्तियों पर लागू होगी, जिनकी अप्राकृतिक मृत्यु अधिसूचना जारी होने के बाद हुई है। गृह सचिव को मुआवजे की स्वीकृति के लिए अधिकृत किया गया है।