नूंह के छात्रों का जलवा, सुपर-100 के दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होंगे 32 होनहार
नूंह जिले के 32 विद्यार्थी सुपर-100 परीक्षा के दूसरे चरण में 19 से 21 अप्रैल तक कुरुक्षेत्र में शामिल होंगे। यह परीक्षा बरना गांव के सुपर-100 कैंपस मे ...और पढ़ें

सुपर 100 के दूसरे चरण में पहुंचे नूंह के 32 छात्र। फोटो- एआई जनरेटेड
HighLights
नूंह के 32 छात्र सुपर-100 परीक्षा के दूसरे चरण में शामिल।
कुरुक्षेत्र कैंपस में 19 से 21 अप्रैल तक परीक्षा होगी।
योजना का लक्ष्य मुफ्त आईआईटी, मेडिकल कोचिंग प्रदान करना।
जागरण संवाददाता, नूंह। नूंह जिले से 32 विद्यार्थियों की दूसरे चरण की सुपर-100 परीक्षा 19 से 21 अप्रैल को कुरुक्षेत्र कैम्पस में आयोजित होगी।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ रामकिशन आर्य ने बताया कि सुपर-100 के दूसरे चरण के लिए छात्रों को कुरुक्षेत्र के गांव बरना में सुपर-100 कैंपस में रिपोर्ट करना है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अनुसार सुपर-100 के दूसरे चरण की परीक्षा तीन बैच में 19 से 27 अप्रैल तक आयोजित होगी। नूंह जिले के बच्चों को 19 से 21 अप्रैल वाले प्रथम बैच में शामिल होना है।
छात्रों को पंजीकरण के दिन सुबह नौ बजे उपस्थित होना होगा। पंजीकरण सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक खुला रहेगा। दोपहर 12 बजे के बाद पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं इसके लिए एडमिट कार्ड पांच अप्रैल से जारी कर दिए जाएंगे।
सभी विद्यालय मुखिया को दिए गए ये निर्देश
सभी विद्यालय मुखिया को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को समय से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। परीक्षा के दिन विद्यार्थियों को अपना एडमिट कार्ड,वैध पहचान पत्र एवं आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। आवश्यक दस्तावेज न होने पर किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वाच,ब्लूटूथ डिवाइस सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरण लाने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
विभाग के अनुसार लेवल-2 परीक्षा का परिणाम 30 अप्रैल को जारी किया जाएगा जबकि नए बैच की कक्षाएं पांच मई से प्रारंभ होंगी।
बता दें कि सुपर-100 योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना है। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को आईआईटी,मेडिकल एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है।