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    बूचड़खाने से 5 गांवों के 30000 लोग परेशान, सरकारी रास्ते पर भी कब्जा; चुप्पी साधे बैठे अधिकारी

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 06:06 PM (IST)

    नूंह के टपकन गांव में एक मीट फैक्ट्री से आ रही बदबू से पांच गांवों के करीब 30,000 लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन शिकायतों के बावजूद क ...और पढ़ें

    AI जनरेटेड।

    AI जनरेटेड।

    मोहम्मद मुस्तफा, नूंह। नूंह में जिला मुख्यालय ये महज छह किलोमीटर की दूरी पर टपकन गांव में करीब 12 वर्षों से संचालित एग्रो फूड प्राइवेट मीट फैक्ट्री आस पास के गांवों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। फैक्ट्री से आने वाली बदबू के कारण पांच गांवों की करीब 30 हजार की आबादी परेशान हैं।

    लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद भी प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि मीट फैक्ट्री ने पंचायती रास्ते पर भी अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। जिसका मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

    आरोप है कि प्रशासन की मनसा ठीक नहीं होने के चलते नियमों को ताक पर रखकर चलने वाली फैक्ट्री पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले पर कार्रवाई के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

    कोई कार्रवाई नहीं हो रही

    स्थानीय निवासी हिदायत कमांडो, अहमद खां, जमील, इरशाद, ईसब खान, निजर खान और शेर मोहम्मद सहित कई लोगों ने बताया कि उनके पडोसी गांव टपकन में करीब 12 वर्षों से एग्रो फूड प्राइवेट मीट फैक्ट्री चल रही है। जिसकी बदबू के कारण लोग खुली हवा में सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। लेकिन मीट फैक्ट्री की मनमानी पर कोई नकेल नहीं कसी जा रही है।

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    लोगों का कहना है कि यहां के नेताओं का भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। मीट फैक्ट्री ने पंचायत के रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण किया हुआ है, जिसका मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। बीते 9 जुलाई को कोर्ट के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके पंचायती जमीन से कब्जा हटाने के लिए पुलिस बल मांगा गया, लेकिन कार्रवाई टल गई।

    लोगों का आरोप है कि कब्जा हटाने को लेकर प्रशासन की मनसा ठीक नहीं है। जिसके चलते यह कार्रवाई सिरे नहीं चढ़ पा रही है।

    बदबू से जीना दूभर

    लोगों का कहना है कि शाम होते ही मीट फैक्ट्री से बदबू आनी शुरू हो जाती है। जो इतनी जहरीली होती है कि न तो व्यक्ति खाना खा सकता है और न खुली हवा में सांस ले सकता है। आरोप है कि नियमानुसार फैक्ट्री को नहीं चलाया जा रहा है। लोगों की मांग है कि आबादी के बीच से फैक्ट्री को बंद कराया जाए।

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    यह मामला सरपंच ने भी मुझे बताया है। फैक्ट्री की बदबू से लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और पंचायत के जिस रास्ते पर फैक्ट्री का कब्जा है, उसे भी हटवाना चाहिए। - आफताब अहमद, विधायक नूंह

    बूचड़खाने की बदबू से पांच गांवों के लोग परेशान हैं। पंचायती रास्ते पर भी इनका कब्जा है। जिसको लेकर मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। कई बार कब्जा हटाने के लिए आदेश भी आ चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - हिदायत खान, कमांडो चंदेनी