नूंह में सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक्शन, दरिंदों की गिरफ्तारी न होने पर थाना प्रभारी का तबादला
नूंह में सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले में पांच दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर बिछौर थाना प्रभारी राजबीर सिंह का तबादला कर दिया गया है। ...और पढ़ें

दुष्कर्म मामला।
HighLights
सामूहिक दुष्कर्म मामले में थाना प्रभारी का तबादला।
परिजनों की मांग पर हुई पुलिस कार्रवाई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित।
जागरण संवाददाता नूंह। नूंह जिले के बिछौर थाना अंतर्गत युवती से सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट स्वजन की मांग पर बिछोर थाना प्रभारी राजबीर सिंह का तबादला कर दिया गया है। उसकी जगह सुखबीर को लगाया गया है। यह तबादला लड़की पक्ष की मांग पर हुआ है।
लड़की पक्ष का आरोप है कि इतने संगीन मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी न करना पुलिस की ढील है। हालांकि पुलिस ने मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें भी लगाई हुई हैं, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
स्वजन ने मशवरा करके बिछोर थाना पहुंच कर पुलिस को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय दिया गया। स्वजन का कहना है कि दो दिन में अगर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सबके मशवरा से आगामी निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि पांच दिन पहले बिछोर थाना अंतर्गत एक गांव में एक युवती के साथ पांच लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपितों ने के साथ दुष्कर्म की वीडियो बनाकर मिलने के लिए दबाव बनाते हुए किसी को बताने पर वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
खबरें और भी
युवती ने जहरीला पदार्थ पी लिया
स्वजन का आरोप है कि लगातार ब्लैकमेल और मानसिक दबाव से परेशान होकर युवती ने जहरीला पदार्थ पी लिया। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे वहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे रेफर कर दिया। जब स्वजन उसे दूसरे अस्पताल में लेकर जा रहे थे तो उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के शव को मांडीखेड़ा अस्पताल पहुंचाया।