नारनौल रोडवेज बस में 'पुलिस' का रौब, न टिकट लिया न आईकार्ड दिखाया; कंडक्टर से बहस का वीडियो वायरल
नारनौल डिपो की बस में एक व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर टिकट लेने और आईडी दिखाने से इनकार कर दिया, जिसका वीडियो वायरल हो गया है। ...और पढ़ें
HighLights
नारनौल रोडवेज बस में टिकट को लेकर विवाद।
व्यक्ति ने खुद को हरियाणा पुलिसकर्मी बताया, आईडी नहीं दिखाई।
कंडक्टर से बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
जागरण संवाददाता, नारनौल। नारनौल डिपो की हरियाणा रोडवेज बस में सोमवार को किराए और पहचान को लेकर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना रेवाड़ी की बताई जा रही है, जबकि संबंधित बस नारनौल डिपो की है।
बताया जा रहा है कि कुंड से बस में सवार हुए एक व्यक्ति ने खुद को हरियाणा पुलिस का जवान बताते हुए परिचालक से बहस शुरू कर दी। आरोप है कि टिकट लेने के लिए कहने और पुलिसकर्मी होने के दावे पर आईकार्ड दिखाने के लिए कहने के बावजूद उसने न टिकट लिया और न आईकार्ड दिखाया।
मामला नारनौल डिपो की बस संख्या एचआर-47-जीवी-6769 का बताया जा रहा है। परिचालक के अनुसार, उक्त व्यक्ति कुंड से बस में सवार हुआ था और उसे गुरुग्राम के इफको चौक तक जाना था। बस में बैठने के बाद वह चालक से भी कथित तौर पर बदतमीजी करने लगा। परिचालक ने जब उसे टिकट लेने के लिए कहा तो वह उससे बहस करने लगा।
सवारियों ने भी टोका, फिर भी जारी रही बहस
बस में मौजूद सवारियों ने भी व्यक्ति के व्यवहार पर आपत्ति जताई और उसे चालक-परिचालक से बहस नहीं करने तथा टिकट लेने के लिए कहा। इसके बावजूद काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होती रही। परिचालक के अनुसार, व्यक्ति खुद को हरियाणा पुलिस का जवान बताते हुए कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था।
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परिचालक ने जब उससे पुलिस का आईकार्ड दिखाने के लिए कहा तो उसने आईकार्ड नहीं दिखाया। इसी दौरान बस में मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इफको चौक की बजाय रेवाड़ी में ही उतर गया
विवाद बढ़ने के बाद व्यक्ति गुरुग्राम के इफको चौक तक जाने के बजाय रेवाड़ी बस स्टैंड पर ही बस से उतर गया। इसके बाद बस अपने निर्धारित रूट पर रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि घटना भी रेवाड़ी की है। हालांकि बस नारनौल डिपो की होने के कारण मामला नारनौल रोडवेज से जुड़ा है।
पुलिसकर्मी था या नाम का कर रहा था इस्तेमाल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि बस में पुलिसकर्मी होने का दावा करने वाला व्यक्ति वास्तव में हरियाणा पुलिस का जवान था या पुलिस के नाम का इस्तेमाल कर रोडवेज कर्मचारियों पर दबाव बना रहा था। केवल वीडियो के आधार पर व्यक्ति की पहचान या उसके पुलिसकर्मी होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
अब संबंधित विभाग की जांच में व्यक्ति की पहचान और उसके पुलिस विभाग में होने के दावे की पुष्टि की जा सकती है। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि उसने टिकट क्यों नहीं लिया और आईकार्ड दिखाने से क्यों इनकार किया। यदि वह पुलिसकर्मी नहीं है तो पुलिस का नाम लेकर रोडवेज कर्मचारियों पर दबाव बनाने का आरोप भी जांच का विषय बनेगा। फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है।