हरियाणा की रानी रामपाल बनीं हॉकी इंडिया की चयनकर्ता, पुणे में जूनियर खिलाड़ियों को देंगी मौका
रानी रामपाल को हॉकी इंडिया ने चयनकर्ता नियुक्त किया है, जो पुणे में जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन करेंगी।

रानी रामपाल बनीं हॉकी इंडिया की चयनकर्ता।
HighLights
रानी रामपाल हॉकी इंडिया की नई चयनकर्ता बनीं
पुणे में जूनियर महिला चैंपियनशिप में प्रतिभाएं परखेंगी
छोटे शहरों की बेटियों को राष्ट्रीय मंच दिलाना लक्ष्य
संवाद सूत्र, शाहाबाद। भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान रानी रामपाल को हॉकी इंडिया ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए चयनकर्ता की भूमिका दी है। पुणे में चल रही हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रानी रामपाल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बतौर सेलेक्टर करीब से देखेंगी और उनमें से बेहतरीन खिलाड़ियों के चयन में अपनी भूमिका निभाएंगी।
चयनित खिलाड़ियों को आगे राष्ट्रीय जूनियर शिविर में जगह मिलने का रास्ता खुलेगा। यह प्रतियोगिता 12 से 23 अगस्त तक पुणे में आयोजित हो रही है। रानी का कहना है कि चयनकर्ता की जिम्मेदारी उनके लिए केवल खिलाड़ियों का चयन करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रतिभाओं को तलाशना है, जिनमें देश के लिए खेलने का जुनून, अनुशासन, मेहनत और आगे बढ़ने की क्षमता हो।
उनका प्रयास रहेगा कि छोटे शहरों, गांवों और उन प्रतिभाशाली बेटियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर आगे आने का अवसर मिले, जिनमें प्रतिभा तो है, लेकिन सही मंच की कमी है। रानी रामपाल के लिए सिलेक्टर की जिम्मेदारी इसलिए भी खास है, क्योंकि जिस हॉकी मैदान से उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की, अब उसी अनुभव और हुनर को वह नई पीढ़ी तक पहुंचाने की भूमिका में हैं।
महज 14 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाली रानी ने करीब डेढ़ दशक तक भारतीय महिला हॉकी को अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने भारत के लिए 254 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 205 गोल किए।
टोक्यो ओलंपिक में रचा था इतिहास
रानी रामपाल की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया था। रानी को 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। हॉकी इंडिया ने रानी के अभूतपूर्व योगदान को सम्मान देते हुए उनकी प्रतिष्ठित जर्सी नंबर 28 को भी रिटायर कर दिया है। यानी भारतीय महिला हॉकी में अब 28 नंबर की जर्सी रानी रामपाल की विरासत के रूप में हमेशा याद की जाएगी।
मेरे अनुभव का लाभ नई पीढ़ी को मिले: रानी रामपाल
रानी रामपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के तौर पर लंबे सफर के बाद अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी नई प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। उनके अनुसार हॉकी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और अब वह अपने अनुभव को युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करके भारतीय महिला हॉकी को और मजबूत बनाना चाहती हैं।
