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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IAS जयवीर आर्य को रिमांड के बाद भेजा जेल, कॉन्फेड का महाप्रबंधक अभी भी फरार; एसीबी ने देहरादून में भी जुटाए सबूत

By Jagran NewsEdited By: Monu Kumar Jha
Updated: Mon, 16 Oct 2023 10:49 AM (IST)

Haryana News एसीबी ने करप्शन मामले में चार दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आइएएस जयवीर आर्य को रविवार के दिन जेल भेज दिया। हालांकि कॉन्फेड का जनरल ...और पढ़ें

IAS जयवीर आर्य को रिमांड के बाद भेजा जेल, कॉन्फेड का महाप्रबंधक अभी भी फरार। फाइल फोटो
IAS जयवीर आर्य को रिमांड के बाद भेजा जेल, कॉन्फेड का महाप्रबंधक अभी भी फरार। फाइल फोटो

HighLights

  1. IAS जयवीर आर्य को रिमांड के बाद भेजा जेल, कॉन्फेड का महाप्रबंधक अभी भी फरार
  2. देहरादून में भी जयवीर के खिलाफ एसीबी को मिले काफी सुबूत
  3. तबादले के लिए मांगी थी तीन लाख रुपये की रिश्वत

जागरण संवाददाता, करनाल। Haryana News: एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने चार दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आइएएस जयवीर आर्य (IAS Jaiveer Arya Arrested) को रविवार को जेल भेज दिया। इस मामले में मनीष शर्मा नामक व्यक्ति को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। कॉन्फेड का जनरल मैनेजर राजेश बंसल अभी फरार चल रहा है।

उसकी गिरफ्तारी (Crime News) के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वेयर हाउस के जिला प्रबंधक से ट्रांसफर के नाम पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने और तीन लाख रुपये के साथ एसीबी (ACB) ने आइएएस जयवीर आर्य को पंचकूला से गिरफ्तार किया था।

वहीं हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन (Haryana Warehousing Corporation) पानीपत के जिला प्रबंधक संदीप घनघस से भी पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित की गई थी।

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देहरादून में भी जयवीर के खिलाफ एसीबी को मिले काफी सुबूत

रविवार को एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस मामले में अब तक एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रिमांड के दौरान जयवीर आर्य को देहरादून ले जाया गया था।

वहां भी उसके खिलाफ काफी सुबूत मिले हैं। एसीबी ने इसको लेकर अधिक जानकारी साझा नहीं की। टीम का कहना है कि आइएएस आर्य ने पहले पांच लाख रुपये मांगे थे, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये में सौदा हुआ।

तबादले के लिए मांगी थी तीन लाख रुपये की रिश्वत

वेयर हाउसिंग के जिला प्रबंधक रिंकू हुड्डा से तैनाती के बदले जयवीर आर्य ने रिश्वत मांगी थी। रिंकू के पति ने रिश्वत मांगने की शिकायत हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। एसीबी ने एक व्यक्ति मनीष शर्मा को हिरासत में लिया था।

इसके बाद में जयवीर आर्य को फोन कराया गया। जयवीर को कहा गया कि आपने जो मांग की थी, वह सामान आ गया है। जिसके बाद आइएएस को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।

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