हिसार रोडवेज डिपो के शौचालय बदहाल, कर्मचारी खुले में शौच करने को मजबूर
हिसार रोडवेज डिपो में कैंटीन के पास स्थित शौचालय की बदहाल स्थिति कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई ...और पढ़ें

रोडवेज डिपो के शौचालय बदहाल, कर्मचारियों को खुले में शौच की नौबत।
HighLights
हिसार रोडवेज डिपो शौचालय बदहाल, कर्मचारियों को खुले में शौच की नौबत।
शौचालयों में सफाई का अभाव, दुर्गंध और हाथ धोने को पानी नहीं।
कर्मचारियों की शिकायतें अनसुनी, सीवरेज लाइन भी समस्या का कारण।
जागरण संवाददाता, हिसार। सरकार की ओर से स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन हिसार रोडवेज डिपो की कार्यशाला में कैंटीन के पास स्थित शौचालय की बदहाल स्थिति कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
कर्मचारियों का कहना है कि शौचालय की कई महीनों से उचित सफाई नहीं हुई है। यहां दुर्गंध के साथ मकड़ी के जाले लगे हुए हैं और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। मौके पर निरीक्षण के दौरान शौचालय में हाथ धोने तक के लिए पानी उपलब्ध नहीं मिला।
कर्मचारियों के अनुसार, शौचालय की खराब व्यवस्था के कारण कई बार उन्हें खुले में शौच या पेशाब करने की स्थिति का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर स्वच्छ और पर्याप्त शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होना जरूरी है। उनका आरोप है कि समस्या की जानकारी अधिकारियों को कई बार देने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
विभाग की छवि प्रभावित होने की चिंता
कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दिनों एक कर्मचारी खुले में शौच कर रहा था। इसी दौरान ऋषि नगर में पीजी में रहने वाली एक युवती ने इस पर आपत्ति जताई और कर्मचारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर एफआइआर दर्ज करवाने की बात कही। कर्मचारियों के अनुसार, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया। हालांकि, इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सभी यूनियनों ने मांगपत्र सौंपने का किया दावा
रोडवेज के विभिन्न यूनियनों के प्रधानों और पदाधिकारियों का कहना है कि शौचालय की समस्या को लेकर कई बार जीएम को अवगत कराया जा चुका है। शौचालय की व्यवस्था सुधारने के लिए मांगपत्र भी सौंपे गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार, मांगपत्र दिए काफी समय बीत चुका है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
पुरानी सीवरेज लाइन से भी बढ़ रही समस्या
कर्मचारियों के अनुसार, शौचालय की बदहाली का एक प्रमुख कारण पुरानी सीवरेज लाइन में गाद जमा होना है। इसके अलावा शौचालय की पाइप लाइन भी पुरानी सीवरेज लाइन से सीधे जुड़ी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि अलग से कोई कुआं या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण सीवरेज संबंधी समस्या बनी रहती है।
हमने मुख्यालय से परिसर के सभी शौचालयों के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की मांग रखी है। राशि मंजूर होने के बाद शौचालयों के सौंदर्यीकरण, मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। -शिव कुमार श्योराण, भवन लिपिक, डिपो हिसार
