हिसार में दुकान के गेट पर काले शीशे लगाकर ही बेच सकेंगे मीट, चार दुकानदारों के चालान काटे
हिसार नगर निगम ने खुले में मीट बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। तेलियानपुल से भगत सिंह चौक तक अभियान चलाकर चार दुकानदारों पर पांच-पांच हजार रु ...और पढ़ें

खुले में मीट बेचने पर निगम की कार्रवाई
HighLights
खुले में मीट बेचने पर निगम की कार्रवाई
चार दुकानदारों पर ₹5000 का जुर्माना, सामान जब्त
मीट बिक्री के लिए काले शीशे अनिवार्य, स्वच्छता नियम
नमहा यादव, हिसार। शहर की सड़कों पर खुलेआम मीट बेचने की प्रवृत्ति पर अब नगर निगम ने सख्ती का रुख अपना लिया है। नियमों को दरकिनार कर सड़क किनारे या रेहड़ियों पर मीट बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसी कड़ी में सोमवार को नगर निगम की टीम ने तेलियानपुल से लेकर भगत सिंह चौक तक अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर या सड़क किनारे खुले में मीट बेचने वाले चार दुकानदारों के चालान किए गए। प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, साथ ही मौके से सामान भी जब्त किया गया। अभियान के दौरान तहबाजारी इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उनके साथ यूनियन प्रधान सुरेंद्र, एएसआई राहुल सैनी, एएसआई राहुल पंवार, एएसआई विजेता तथा संबंधित दरोगा भी मौजूद रहे।
दुकानों पर काले शीशे लगाकर ही बेच सकते है मीट
प्रदेश सरकार ने मीट बिक्री के लिए पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं। इन निर्देशों के अनुसार, दुकानों के बाहर से मीट का खुला प्रदर्शन नहीं होना चाहिए और बिक्री केवल दुकान के भीतर, पर्दे या काले शीशों के पीछे से की जानी चाहिए। इसके साथ ही दुकानों में स्वच्छता, उपकरणों की व्यवस्था और मीट के सुरक्षित भंडारण की सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब नगर निगम सख्ती से कार्रवाई करने की तैयारी में है।
सरकार की 21 शर्तें है निर्धारित उनका पालन अनिवार्य
मीट विक्रेताओं के लिए हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 21 शर्तें तय की हैं। इन शर्तों के अनुसार, मीट की दुकान किसी धार्मिक स्थल या शिक्षण संस्थान के पास नहीं होनी चाहिए। दुकान की दीवारों और छतों पर प्लास्टर होना अनिवार्य है। साथ ही मीट काटने के उपकरणों की स्वच्छ व्यवस्था, बर्तनों की सफाई, कोल्ड स्टोरेज की सुविधा और तरल अपशिष्ट की उचित निकासी भी जरूरी है। इन सबके बावजूद शहर के कई हिस्सों में नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई देती हैं, जहां सड़क किनारे खुले में मीट बेचा जा रहा है।
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शहर में बढ़ रही मीट विक्रेताओं की संख्या
नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार, अगस्त 2021 में करीब 100 मीट विक्रेताओं को नोटिस भेजे गए थे, क्योंकि वे नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में मीट बेचने वालों की संख्या बढ़कर करीब 150 तक पहुंच चुकी है। ऐसे में निगम के सामने व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है।
सड़क पर कचरा फेंकने पर भी जुर्माना
नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर भी अभियान चलाया। टिब्बा दानाशेर क्षेत्र में एक स्टोर संचालक की ओर से सड़क पर कचरा डालने के मामले में पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान निगम टीम ने दुकानदारों को जागरूक करते हुए अपील की कि वे अपना सामान दुकान की सीमा के भीतर रखें, सड़क पर कचरा न डालें और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचें।
विवादों में रहा है स्लाटर हाउस
डीएन कॉलेज हॉस्टल से साउथ बाइपास की ओर के मार्ग पर साउथ बाइपास के नजदीक बना स्लाटर हाउस लंबे समय विवादों में रहा। कारण था कि साल 2014 में इसे चालू करने के लिए 37.75 लाख रुपये खर्चे। इसमें ईटीपी (अफल्यूम ट्रीटमेंट प्लांट यानि प्रवाह उपचार संयंत्र) स्थापित किया। नवंबर 2019 में तत्कालीन मेयर ने इसका दौरा किया तो कई कमियां मिली थी पर आज तक यह मीट के संबंध में शुरू नहीं हो पाया।
साल 2011-12 में स्लाटर हाउस से होता था कारोबार
निगम के पुराने स्टाफ की मानें अनुमानित वर्ष 2011-12 तक शहर के मीट कारोबारियों से निगम प्रशासन चार्ज वसूलता था, जिससे निगम को प्रतिदिन करीब ढाई से पांच हजार रुपये की आय होती थी। इसमें प्रत्येक बड़े पशु को काटने के लिए निगम 10 रुपये लेता था। स्लाटर हाउस में एक बार में 12 से 15 तक पशु काटे जाते थे, जिसमें सूअर, बकरे, भेड़ आदि पशु शामिल थे। अब पशु अवैध मीट की दुकानों पर खुले पर कट रहे है।
ये भी जानें:
- वर्तमान में स्लाटर हाउस में कुत्तों का बधियाकरण का कार्य चल रहा है।
- साल 2020-21 में नगर निगम ने मुख्यालय से राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) की 15 एकड़ 2 कनाल 5 मरले भूमि मांगी गई है, जो शहर के बाहरी हिस्से में है।
- लाइसेंस भी अनिवार्य, छह माह तक सजा और पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान
कोई भी व्यक्ति खाद्य सामग्री से संबंधित कोई भी व्यवसाय या व्यापार बिना लाइसेंस के करता है तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 की धारा-63 के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ छह माह तक की सजा और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। - विपुल बंसल, अधिवक्ता, हिसार।टीम ने पुल तेलियान से लेकर भगत सिंह चौक तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान सड़क किनारे खुले में मीट बेचने वाले लोगों को हटाया गया। इस दौरान नगर निगम सफाई शाखा ने खुले में मीट बेचने वालों के 4 चालान 5-5 हजार रुपए के किए । वही एक व्यक्ति का कचरा सेग्रीगेशन न करने पर चालान किया गया। - सुरेंद्र शर्मा, इंचार्ज तहबाजारी टीम, हिसार।
शहर में सड़क या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खुले में मीट बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई आगे भी जार रहेगी। - राजकुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम हिसार।