हरियाणा में कमजोर पड़ा मानसून, उमस बढ़ाएगी परेशानी; उत्तरी जिलों में हल्की वर्षा की संभावना
हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून कमजोर पड़ गया है, अगले एक सप्ताह तक किसी मजबूत मौसमी प्रणाली की संभावना ...और पढ़ें
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पश्चिमी हरियाणा में उमस बढ़ेगी, उत्तरी जिलों में 13-14 को हल्की वर्षा की संभावना।
HighLights
हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में मानसून कमजोर पड़ा
अगले सप्ताह मजबूत मौसमी प्रणाली की संभावना नहीं
उत्तरी हरियाणा में 13-14 जुलाई को हल्की वर्षा
जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। अगले एक सप्ताह तक किसी मजबूत मौसमी प्रणाली के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी रहेगी। कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि जुलाई की शुरुआत में मानसून ने अच्छी दस्तक दी थी। 6 से 8 जुलाई के दौरान हरियाणा के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी वर्षा हुई, जबकि पश्चिमी जिलों में वर्षा काफी कम दर्ज की गई। 10 जुलाई को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिसार सहित पश्चिमी हरियाणा में आंधी और हल्की वर्षा हुई, लेकिन इसके बाद मानसून फिर कमजोर पड़ गया।
मौसम विज्ञानी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 13 जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 13 और 14 जुलाई को उत्तरी हरियाणा में हल्की वर्षा की संभावना है, जबकि शेष प्रदेश, एनसीआर और दिल्ली में केवल छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।
इस दौरान दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। उमस लोगों को परेशान करेगी। बंगाल की खाड़ी में अधिक लो प्रेशर सिस्टम बने थे, जिससे हरियाणा में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी। इस बार ऐसे सिस्टम कमजोर बनने और पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर रहने से वर्षा की गतिविधियां सीमित हैं।
यदि यहीं स्थिति बनी रही तो जुलाई में पिछले कई वर्षों की तुलना में कम वर्षा दर्ज हो सकती है। रविवार को हिसार में मौसम शुष्क रहा और बादलों की आवाजाही बनी रही। अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दक्षिण-पश्चिमी नम हवाओं के कारण दिनभर उमस बनी रही। वहीं, महेंद्रगढ़ जिले में भी बादलों की आवाजाही रही, लेकिन मौसम शुष्क रहा। वहां तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया।
