8 साल पहले यूपी से गुम हुई महिला हिसार में मिली, पत्नी को देखकर फूट-फूटकर रोया पति
उत्तर प्रदेश के सीतापुर से आठ साल पहले लापता हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ रीता हिसार के भाग्यश्री महिला आश्रम में अपने पति हरिहर से मिलीं। रेलवे पुलिस ने ...और पढ़ें
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आठ वर्ष पूर्व यूपी से गुमशुदा महिला का पति से हुआ पुनर्मिलन।
HighLights
उत्तर प्रदेश से 8 साल पहले लापता हुई महिला मिली
हिसार के भाग्यश्री आश्रम में पति से पुनर्मिलन हुआ
आश्रम ने 180वीं महिला को परिवार से मिलाया
जागरण संवाददाता, हिसार। उत्तर प्रदेश के सीतापुर के गांव कमलापुर से करीब 8 वर्ष पहले गुमशुदा हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला रीता हिसार के आजाद नगर स्थित भाग्यश्री महिला आश्रम में मिली। जब आश्रम में रीता अपने पति हरिहर से से कई साल बाद मिली तो दोनों की आंखों से आंसू बहने लगे।
इससे वहां उपस्थित सभी लोग भावुक हो उठे। पत्नी रीता को लेने पहुंचे उत्तर प्रदेश के सीतापुर के गांव कमलापुर के रहने वाले पति हरिहर ने बताया कि उसकी पत्नी वर्ष 2017 में मानसिक अस्वस्थता के चलते घर से निकल गई थीं। उसे दो साल तक ढूंढ़ते रहे। इसके बाद उसके मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी।
हरिहर ने बताया कि पत्नी के बिछड़ने के समय दो बच्चे जो 11 से 12 साल के थे। अब उनकी शादी हो चुकी है। आश्रम सचिव बलवान सिंह व एएसआइ अमित कुमार ने सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद रीता को स्वजन के सुपुर्द कर दिया। विदाई के समय आश्रम संचालिका बाला वर्मा ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
दो वर्ष पहले जीआरपी ने रीता को आश्रम में छोड़ा था
लगभग दो वर्ष पहले रेलवे पुलिस ने रीता नाम की एक मानसिक रुप से अस्वस्थ महिला को भाग्यश्री महिला आश्रम में छोड़ा था। वहां उसकी सेवा, उपचार व स्नेहपूर्ण देखभाल के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। स्वस्थ होने पर रीता ने करीब दो साल बाद अपने गांव का नाम बताया।
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जिसके बाद आश्रम की टीम और एएचटीयू, एसीबी फतेहाबाद ने रीता के स्वजन का पता लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के कमलापुर की एसएचओ को संपर्क किया। एसएचओ ने उसके स्वजन का पता लगाकर सूचना दी। जिसके बाद रीता के पति हरिहर, देवर राम नरेश आश्रम पहुंचे।
इलाज के बाद बताया गांव
आश्रम संचालिका बाला वर्मा ने बताया कि आश्रम को चलते पांच साल हो गए है। कहा कि वे गुमशुदा महिलाओं के परिवार से मिलवाने का काम करते है। बताया कि रीता 180वीं महिला है, जिसे परिवार से मिलाया गया है। रीता जब आश्रम आई तो डरी-सहमी थी। दो साल तक उसने कुछ नहीं बताया, 10 दिन पहले अपने गांव सीतापुर का नाम बताया।
जिसके बाद उसके स्वजन का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच से बात की और उत्तरप्रदेश के सीतापुर की एसएचओ ने जानकारी जुटाई। रीता इससे पहले हिसार रेलवे स्टेशन पर काफी समय तक रही है। इस खुशी के मौके पर प्रिंसिपल कुलदीप सिंह, मेवा सिंह, हिमांशु शर्मा, सोनू ढाका, विक्रम लौरा, सुमन गुप्ता, रतन सिंह दहिया आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।