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गुरुग्राम: नगर परिषद सोहना की पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी समेत चार पर आरोप तय, 16 नवंबर को अगली सुनवाई

By Mahavir YadavEdited By: Kapil Kumar
Published: Thu, 08 Oct 2026 02:31 PM (IST)

नगर परिषद सोहना की पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी समेत चार आरोपियों पर विकास कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के ...और पढ़ें

नगर परिषद सोहना की पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी समेत चार पर आरोप तय। AI जनरेटेड

नगर परिषद सोहना की पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी समेत चार पर आरोप तय। AI जनरेटेड

HighLights

  1. रोशनी देवी समेत चार पर विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप।

  2. सरकारी धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का मामला दर्ज।

  3. आरोप तय करने पर सुनवाई अब 16 नवंबर को होगी।

संवाद सहयोगी, बादशाहपुर (गुरुग्राम)। गुरुग्राम में नगर परिषद सोहना की पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी समेत चार आरोपियों के खिलाफ नगर परिषद में विकास कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में आरोप तय करने पर अब 16 नवंबर को सुनवाई होगी।

इससे पहले दो सितंबर को अदालत ने मामले को पांच अक्टूबर तक के लिए स्थगित किया था। पांच अक्टूबर को चार्ज पर विचार नहीं हो सका और अब अदालत ने अगली तारीख 16 नवंबर निर्धारित की है।

कई धाराओं में एफआईआर दर्ज

मामला नगर परिषद सोहना में विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप है। 2019 में सिटी सोहना थाने में पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी, जेई सुरेंद्र सिंह, एमई महेंद्र सिंह समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी धन के गबन, जालसाजी और साजिश सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में रोशनी देवी के अलावा महेंद्र, सुरेंद्र और जयपाल यादव आरोपित हैं।

पुलिस के अनुसार, हरियाणा सीआइडी के एडीजीपी की ओर से मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में नगर परिषद सोहना के विकास कार्यों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

अनियमितता का आरोप लगाया

आरोप था कि बिना स्वीकृत साइट प्लान और विकास शुल्क जमा किए अवैध निर्माण कराए गए। इसके अलावा वार्ड छह में बिना अनुमति हेलिपैड का निर्माण कराने और नगर परिषद के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को 35 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से किराये पर लेने में अनियमितता का आरोप लगाया गया था।

जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए ली गई कुछ कोटेशन फर्जी पाए जाने का भी आरोप था। आरोप है कि इन्हीं कोटेशन के आधार पर ठेका दिया गया। हेलिपैड के निर्माण में इस्तेमाल टाइलों की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात जांच में सामने आई थी।

मामले में पूर्व चेयरपर्सन रोशनी देवी की ओर से 2019 में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने गंभीर आरोपों और जांच शुरुआती चरण में होने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। अब अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई होनी है।