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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gurugram ASI Murder: गलत कारनामों के कारण बेटे को संपत्ति से किया बेदखल, हरियाणा पुलिस के ASI की गोली मारकर हत्या

    By Vinay TrivediEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Fri, 03 Nov 2023 12:04 AM (IST)

    हरियाणा पुलिस में एएसआई राजबीर घरेलू विवाद के कारण बीते पांच महीनों से काफी परेशान थे। उसके बेटे की शादी पिछले साल दिसंबर में खवासपुर गांव की निशाा स ...और पढ़ें

    गलत कारनामों के कारण बेटे को संपत्ति से किया बेदखल
    गलत कारनामों के कारण बेटे को संपत्ति से किया बेदखल

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। हरियाणा पुलिस में एएसआई राजबीर घरेलू विवाद के कारण बीते पांच महीनों से काफी परेशान थे। उनके इकलौते बेटे 25 वर्षीय अनु के कारनामे ठीक नहीं थे। उसकी शादी पिछले साल दिसंबर में खवासपुर गांव की निशाा से हुई थी। राजबीर की पुत्रवधू दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं।

    ASI के बेटे के अन्य महिला से थे अवैध संबंध

    शादी के बाद से ही युवक का रवैया ठीक नहीं था। उसके रिश्तेदारी की ही एक अन्य महिला से अवैध संबंध थे। इसलिए निशा उसे छोड़कर अपने मायके में रह रही थीं। राजबीर के भाई सतबीर ने थाने में दर्ज कराई शिकायत में मां-बेटे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

    सतबीर ने कहा राजबीर के बेटे अनु उर्फ यश के एक महिला से अवैध संबंध थे। आठ जुलाई को वह उसे लेकर घर से चला गया था। राजबीर ने इस पर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करवाई थी। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तब उन्होंने बेटे को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं समझा। इसके बाद उन्होंने 17 जुलाई को अनु को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया।

    आए दिन बेटा एएसआई से करता था झगड़े

    इसी के बाद बेटा आए दिन उनसे झगड़ा करता रहता था। उसने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी थी। बुधवार रात पत्नी सरिता ने राजबीर को करवाचौथ पर घर बुलाया था। रात में घरेलू विवाद के कारण बात बिगड़ गई। इसी दौरान गोली चली। बताया जाता है कि गोली अवैध हथियार से मारी गई। थाना पुलिस ने एफआईआर में आर्म्स एक्ट की धारा भी जोड़ी है। घर में लाइसेंसी रिवाल्वर नहीं था।

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    पांच महीने से परेशान थे राजबीर

    राजबीर की तीन साल पहले रेवाड़ी में जीआरपी में पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले वह महेंद्रगढ़ जीआरपी में कार्यरत थे। रेवाड़ी जीआरपी एसएचओ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने घर में हो रहे विवाद की जानकारी अपने सहकर्मियों को भी देते रहते थे। वह काफी परेशान थे। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को पानीपत में होने वाले एक कार्यक्रम के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। इसी ड्यूटी में वह भी गए थे। वह अंतिम बार 24 अक्टूबर को थाने में आए थे। थाना पुलिस भी उनकी मौत से दुखी है।

    एक दिन पहले ही वर्दी लेने घर गई थीं निशा 

    अनु के साले गौरव के मुताबिक, वह पटौदी के खवासपुर के रहने वाले हैं और उनकी बहन निशा की शादी अनु से 2 दिसंबर 2022 में हुई थी। उनकी बहन दिल्ली पुलिस में तैनात है। अनु अपनी बीवी के साथ नहीं रहता था, उसके किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध थे और बुधवार को उनकी बहन वर्दी लेने सेक्टर 10 वाले घर पहुंची थीं। दोपहर को ही वह घर वापस आ गई थीं और आज उन्हें मौत की सूचना मिली।

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