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    गुरुग्राम में 4 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार, प्रशासन ने दी 2 दिन के 'वर्क फ्रॉम होम' की सलाह

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 01:58 AM (IST)

    गुरुग्राम में 100 मिमी से अधिक भारी वर्षा के कारण शहर एक बार फिर जलमग्न हो गया, जिससे व्यापक जलभराव और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। ...और पढ़ें

    गुरुग्राम में 100 मिमी से अधिक भारी वर्षा के कारण शहर एक बार फिर जलमग्न हो गया। फाइल फोटो

    गुरुग्राम में 100 मिमी से अधिक भारी वर्षा के कारण शहर एक बार फिर जलमग्न हो गया। फाइल फोटो

    HighLights

    1. गुरुग्राम में 100 मिमी से अधिक वर्षा से भारी जलभराव।

    2. यातायात जाम और अंडरपास बंद, जनजीवन प्रभावित हुआ।

    3. प्रशासन ने 6-7 अगस्त के लिए वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुवार की सुबह आसमान से वर्षा के रूप में शहरवासियों के लिए आफत बरसी। जब सुबह लोग नींद से जागे तो उन्हें अपने घर के बाहर गलियां पानी में डूबी मिलीं। महज चार घंटे की मूसलधार वर्षा ने गुरुग्राम को एक बार फिर जलभराव की मार झेलने पर मजबूर कर दिया। वर्षा के कारण सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त रहीं। पानी भर जाने से शहर के कई अंडरपास बंद करने पड़े।

    मौसम विभाग के अनुसार शहर में औसतन 100 एमएम से अधिक वर्षा रिकार्ड की गई। सबसे अधिक 110 एमएम वर्षा सोहना तहसील में हुई। गुरुग्राम तहसील में 100 एमएम पानी गिरा। कादीपुर और हरसरू में 74-74 एमएम, वजीराबाद में 55 एमएम और मानेसर में 54 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।पटौदी और फरुखनगर में सिर्फ भीगने भर की सात-सात एमएम वर्षा हुई।

    तालाब बनीं मुख्य सड़कें, घंटों लगा जाम

    गुरुवार अलसुबह तीन बजे शुरू हुई तेज वर्षा सुबह सात बजे तक जारी रही। इसके बाद रुक-रुक कर करीब 12 बजे तक वर्षा हुई।शहर में मोहल्लों की गलियों से लेकर मुख्य सड़कें भी तालाब में तब्दील हो गईं और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हाईवे पर भी नरसिंहपुर के पास पानी आ गया।

    इसके कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे व अन्य सड़कों पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। इफको चौक, हीरो होंडा चौक, ओल्ड दिल्ली रोड और रेलवे रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर दो से तीन फुट तक पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सुबह के समय दफ्तर जाने वाले कर्मचारी घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे।

    कहां-कहां हुआ जलभराव

    बसई गांव की मुख्य सड़क पर भारी जलभराव हुआ। पटौदी रोड, डूंडाहेड़ा क्षेत्र, सेक्टर 15, झाड़सा, सेक्टर 39, 40, सेक्टर 45, 46 सहित पुराने शहर की कालोनियों में जलभराव हुआ। सेक्टर पांच, नौ, 9-ए तथा सेक्टर दस के निचले क्षेत्रों में वर्षा का पानी भर गया।

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    न्यू कॉलोनी क्षेत्र में सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। जलभराव इतना अधिक था कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सेक्टर चार की मार्केट में दुकानों के बाहर पानी भर गया, जबकि सेक्टर-22 और डूंडाहेड़ा की गलियों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

    निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी घुस गया। कई दुकानों में रखा सामान भीग गया। साउथ सिटी एक में स्मार्ट रोड भी एक फीट जलभराव में पूरी तरह डूब गई। इससे लोगों में नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिखी। लोगों ने कहा कि हर बार वर्षा में यही हाल होता है और करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त नहीं हुआ।

    स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट पर

    स्थिति को देखते हुए कई स्कूलों ने एहतियातन आनलाइन क्लास का निर्णय लिया। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल न भेजने की सूचना दी गई। जलभराव वाले इलाकों में डीसी ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर पानी निकासी के आदेश दिए। वर्षा के कारण कई जगह पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की भी सूचना मिली। बिजली विभाग की टीमों को फाल्ट ठीक करने में मशक्कत करनी पड़ी।

    ट्रैफिक पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड लगाकर डायवर्जन किया, लेकिन घंटों तक शहर के मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगा रहा। कई जगहों पर गिरे पेड़ों को ट्रैफिक पुलिस ने हटाकर दोबारा यातायात सुचारु कराया। दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि सभी पंपिंग स्टेशन चालू कर दिए गए हैं और निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त टीम तैनात की गई है। लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे थे।

    हर बार की तरह इस बार भी गुरुग्राम की वर्षा ने प्रशासन के सभी दावों की पोल खोल कर रख दी। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों से बचने की अपील की है।

    जिला प्रशासन ने दो दिन वर्क फ्राम होम करने के दिए आदेश

    मौसम विभाग द्वारा गुरुवार को वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने गुरुग्राम में छह और सात अगस्त को कार्पोरेट कर्मचारियों के लिए वर्क फ्राम होम की सलाह दी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से गुरुवार को जारी एडवाइजरी में कहा गया कि जिले में 100 वर्षा दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने छह अगस्त के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके चलते शहर में जलभराव और ट्रैफिक जाम की संभावना बनी है। स्थिति को देखते हुए डीडीएमए के चेयरपर्सन व डीसी ने सभी करर्पोरेट कार्यालयों और निजी संस्थानों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्मचारियों को छह अगस्त से सात अगस्त तक, जहां संभव हो, घर से काम करने के लिए कहें।

    प्रशासन का कहना है कि इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और नगर निगम व अन्य एजेंसियों को सड़क और ड्रेनेज की मरम्मत का काम सुचारू रूप से करने में मदद मिलेगी। डीडीएमए ने एडवाइजरी में नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन धीरे चलाएं और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें।