गुरुग्राम में फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, दिल्ली एयरपोर्ट से छठा आरोपित पकड़ा
गुरुग्राम में फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में छठे आरोपी अनुभव को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। वह मुख्य आरोपी ईशपाल ...और पढ़ें
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धोखाधड़ी के मामले में छठे आरोपी अनुभव को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार।
HighLights
गुरुग्राम फ्लैट धोखाधड़ी में मुख्य आरोपी का बेटा गिरफ्तार।
दिल्ली एयरपोर्ट से इंडोनेशिया भागने की फिराक में था।
करोड़ों की ठगी में 242 लोगों को बनाया शिकार।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सेक्टर 55 स्थित सुनहरा अपना घर सोसायटी में फ्लैट देने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस टीम ने एक और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इसे दिल्ली एयरपाेर्ट से सोमवार रात पकड़ा गया। इसकी पहचान दिल्ली के मोहन गार्डन निवासी अनुभव के रूप में की गई। आरोपित इंडोनेशिया भागने के फिराक में था। इससे पहले इस मामले में इसके पिता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह मामला 2017 में तब सामने आया था, जब एक महिला शिकायतकर्ता ने गुरुग्राम पुलिस को धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। महिला ने शिकायत में कहा था कि वर्ष 2006-07 में ईशपाल भारद्वाज नाम के व्यक्ति ने सेक्टर 55 गुरुग्राम स्थित सुनहरा अपना घर सोसायटी में फ्लैट दिलाने का झांसा देकर उससे वर्ष 2008 से 2013 के बीच विभिन्न किस्तों में लगभग 37.50 लाख ले लिए।
2013 में परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया
वर्ष 2013 में परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया तथा कई वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही जमा करवाई गई राशि वापस की गई। सेक्टर 56 थाने में मामला दर्ज हुआ। आर्थिक अपराध शाखा प्रथम ने जांच की। कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इससे पहले ईशपाल भारद्वाज समेत पांच लोगों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में अनुभव के बारे में जानकारी मिली थी।
आरोपित के विरुद्ध वर्ष 2025 में लुकआउट सर्कुलर जारी
पुलिस टीम ने आरोपित के विरुद्ध वर्ष 2025 में लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया था। इसे सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि वह इंडोनिशया भागने के फिराक में था। आरोपित अनुभव मुख्य आरोपित ईशपाल भारद्वाज का बेटा है। आरोपित ने अपने पिता ईशपाल भारद्वाज तथा अन्य साथी आरोपितों के साथ मिलकर सोसायटी के माध्यम से लोगों को फ्लैट देने का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये एकत्रित किए तथा उन्हें न तो फ्लैट दिए और न ही उनकी राशि वापस की।
इन आरोपितों सोसायटी के अधिकृत व्यक्ति न होते हुए भी फ्लैट बेचने के लिए अन्य कंपनियों के साथ फर्जी तरीके से एमओयू भी साइन किए थे। इन्होंने कंपनी के नाम पर फर्जी बैंक खाता खुलवाया और उस खाते में फ्लैट आवंटन के नाम पर प्राप्त करोड़ों रुपये जमा करवाए गए। जिनका आरोपितों ने गबन कर लिया। सोसाइटी में 94 फ्लैट्स की उपलब्धता के बावजूद 242 लोगों से रुपये लेकर ठगी की गई। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि इसे कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।