गुरुग्राम में 30 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलेंगे, 26 करोड़ से अधिक के निवेश से बदलेगी स्वास्थ्य सेवा
गुरुग्राम में शहरी गरीब और वंचित वर्ग के लिए 30 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। 26.20 करोड़ रुपये के ...और पढ़ें
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जिले में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूएएएम) खोले जाएंगे। AI जनरेटेड
HighLights
गुरुग्राम में 30 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित होंगे।
26.20 करोड़ रुपये का कार्य आदेश जारी किया गया।
वंचित वर्ग को घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम के शहरी गरीब और वंचित वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की कवायद अब धरातल पर उतरने जा रही है।
जिले में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूएएएम) खोले जाएंगे। इनके संचालन और प्रबंधन के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) ने मैसर्स एएसआर हास्पिटल्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को 26 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये का कार्य आदेश जारी किया है।
5 अक्टूबर को जारी आदेश की अवधि समझौते की तारीख से दो वर्ष रहेगी। इन केंद्रों का उद्देश्य झुग्गी बस्तियों, कम आय वाले परिवारों और वंचित आबादी को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के लिए लोगों को बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम हो, इसी उद्देश्य से इन केंद्रों की स्थापना की जा रही है।
यूएएएम के लिए हीरा नगर, नरसिंहपुर ढाणी, हरि नगर, शक्ति नगर, भीमगढ़ खेड़ी, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, चंदन नगर, समालपुर, सेक्टर-55, सेक्टर-56 घाटा गांव, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-27, गंगा विहार, टिकरी ढाणी, मनोहर नगर, सूर्य विहार, धर्म कॉलोनी, ग्वाल पहाड़ी, प्रेम नगर, सरहौल, राम विहार, तिगरा गांव, सेक्टर-54, सराय गांव और कन्हई समेत 30 स्थान चिह्नित किए गए हैं।
इन केंद्रों पर गर्भावस्था एवं प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, सामान्य बीमारियों की ओपीडी, संक्रामक और गैर-संचारी रोगों की जांच व उपचार, आंख-ईएनटी, मौखिक स्वास्थ्य, बुजुर्ग एवं पेलिएटिव केयर, आपातकालीन और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
योग एवं आयुष सेवाओं के साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से टेली-कंसल्टेशन की सुविधा भी मिलेगी।
दवा-जांच के साथ सेवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी
केंद्रों पर आवश्यक दवाएं और अनिवार्य डायग्नोस्टिक जांच उपलब्ध रहेंगी। मेडिकल आफिसर, स्टाफ नर्स, पुरुष मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर और सफाई कर्मचारी समेत आवश्यक स्टाफ तैनात किया जाएगा। कंप्यूटरीकृत पंजीकरण, दवा वितरण, सीसीटीवी, आक्सीजन सुविधा और डे-केयर बेड की व्यवस्था भी होगी। कार्य आदेश में सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर जवाबदेही तय की गई है।
स्टाफ की कमी, दवा या जांच उपलब्ध नहीं होने और निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं में कमी पर जुर्माने का प्रावधान है। सभी 30 केंद्रों के संचालन पर जीएसटी समेत करीब 1.29 करोड़ रुपये प्रतिमाह खर्च होंगे।
