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सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक तक एलिवेटेड रोड मंजूर, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर जाम का झंझट खत्म

Published: Thu, 20 Aug 2026 06:45 PM (IST)

सिरहौल बार्डर से साइबर सिटी तक एलिवेटेड रोड परियोजना को जीएमडीए और एनएचएआइ से मंजूरी मिल गई है। डीएलएफ द्वारा ...और पढ़ें

सिरहौल बार्डर से साइबर सिटी तक हर समय इस तरह रहता है ट्रैफिक का दबाव। जागरण

सिरहौल बार्डर से साइबर सिटी तक हर समय इस तरह रहता है ट्रैफिक का दबाव। जागरण

HighLights

  1. सिरहौल बार्डर से साइबर सिटी तक एलिवेटेड रोड को मंजूरी

  2. जीएमडीए और एनएचएआई ने परियोजना को हरी झंडी दी

  3. डीएलएफ करेगा निर्माण, गुरुग्राम को मिलेगी जाम से राहत

आदित्य राज, गुरुग्राम। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक के नजदीक साइबर सिटी तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने भी हरी झंडी दे दी है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बाद GMDA की मंजूरी मिलने से अब परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी डीएलएफ की ओर से इस परियोजना का प्रस्ताव रखा गया था।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद सबसे अधिक फायदा सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक के बीच आने-जाने वाले वाहन चालकों को होगा। वर्तमान में करीब 700 मीटर के इस हिस्से को पार करने में पीक आवर के दौरान आधे घंटे से भी अधिक समय लग जाता है।

सड़क पर कम होगा गाड़ियों का दबाव 

कई बार वाहनों की कतार इतनी लंबी हो जाती है कि इसका असर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और आसपास की सड़कों पर भी दिखाई देता है। एलिवेटेड रोड बनने से मुख्य यातायात को ऊपर से निकालने में मदद मिलेगी और नीचे की सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा।

जानकारों का मानना है कि ट्रैफिक का दबाव कम होने से साइबर सिटी एवं उद्योग विहार इलाके में विकास की रफ्तार और तेज होगी। ट्रैफिक के दबाव की वजह से अधिकतर कारोबारी गुरुग्राम की बजाय दिल्ली में निवेशकों के साथ बैठक करना पसंद करने लगे हैं।

दिल्ली-NCR से रोज पहुंचते हैं कर्मचारी

साइबर सिटी और उद्योग विहार गुरुग्राम के सबसे बड़े रोजगार केंद्रों में शामिल हैं। यहां स्थित कंपनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी रोजाना दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और एनसीआर के दूसरे हिस्सों से पहुंचते हैं।

सुबह कार्यालय समय में एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक तक यातायात की रफ्तार थम जाती है। शाम को कार्यालयों से छुट्टी के समय भी यही स्थिति दोबारा बनती है।

इसके अलावा सिरहौल बॉर्डर के पास स्थित एंबियंस माल में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। शंकर चौक के आसपास एक ओर साइबर हब और दूसरी ओर उद्योग विहार होने के कारण इस पूरे हिस्से में दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

ऐसे में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को केवल पीक आवर की समस्या का समाधान नहीं, बल्कि पूरे दिन यातायात व्यवस्था को बेहतर करने वाली परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

जल्द तैयार होगा आगे का खाका

GMDA की मंजूरी के बाद अब परियोजना की तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। डीएलएफ की ओर से परियोजना का प्रेजेंटेशन NHAI और GMDA के अधिकारियों के सामने किया जा चुका है।

अधिकारियों की ओर से परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता, निर्माण अवधि, यातायात प्रबंधन और निर्माण के दौरान वाहन चालकों को होने वाली परेशानी जैसे बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। निर्माण के दौरान यातायात को सामान्य बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

इसी वजह से परियोजना शुरू करने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि निर्माण पूरा होने के बाद इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।

डीएलएफ की ओर से प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पर GMDA ने सहमति दे दी है। परियोजना के ऊपर पूरा काम डीएलएफ को करना है। सिरहौल बॉर्डर से साइबर सिटी के बीच यातायात का दबाव काफी अधिक है। एलिवेटेड रोड बनने से इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही बेहतर होगी और जाम की समस्या से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

- प्रवीण चौधरी, चीफ इंजीनियर (रोड), GMDA

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