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फेसबुक पर रेकी और फोन से बिछाया जाल... फतेहाबाद में महिला ने कारोबारी से उड़ाए 20 लाख रुपये, एक गलती से खुल गया राज

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:29 PM (IST)

साइबर ठगों ने फतेहाबाद के एक कारोबारी की सोशल मीडिया पर रेकी कर फर्जी ईमेल के जरिए 20 लाख रुपये ...और पढ़ें

फतेहाबाद में महिला ने कारोबारी से उड़ाए 20 लाख रुपये। फोटो जागरण

फतेहाबाद में महिला ने कारोबारी से उड़ाए 20 लाख रुपये। फोटो जागरण

HighLights

  1. साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर कारोबारी की रेकी की।

  2. फर्जी ईमेल और महिला के फोन से 20 लाख की ठगी।

  3. डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपित गिरफ्तार किए गए।

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। साइबर ठगों ने 20 लाख रुपये की ठगी के लिए पहले कारोबारी की इंटरनेट मीडिया पर रेकी की और उसके कारोबार व संपर्कों की जानकारी जुटाई। इसके बाद बिजनेस पार्टनर की फर्जी इमेल आईडी बनाकर बैंक खाता बदलने का संदेश भेजा।

गिरोह की महिला सदस्य फोन पर कारोबारी से संपर्क करती रही, जिससे उसे ईमेल पर शक न हो। भरोसा होने पर कारोबारी ने दो दिन में 10-10 लाख रुपये कर 20 लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने डिजिटल कड़ियों के आधार पर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इनमें वरुण पटेल निवासी खिचड़ीपुर, पटपड़गंज, पूर्वी दिल्ली, शहनवाज निवासी खिचड़ीपुर, पटपड़गंज, पूर्वी दिल्ली, कुसुम निवासी कृष्णा नगर, पूर्वी दिल्ली तथा वसीम खान निवासी जगजीत नगर, शास्त्री पार्क, पूर्वी दिल्ली शामिल हैं।

विनय ने दी थी शिकायत

टोहाना की न्यू फ्रेंड्स कालोनी निवासी विनय जैन की सिंबलवाला रोड पर सनमाइका फैक्ट्री है। वह कच्चे माल के लिए अहमदाबाद और मुंबई की कंपनी से ईमेल के जरिए कारोबार करता था। आरोपितों ने इंटरनेट मीडिया और आनलाइन जानकारी से बड़े कारोबारियों को तलाशकर उनकी व्यावसायिक गतिविधियों व संपर्कों की जानकारी जुटाई।

अगस्त में विनय को बिजनेस पार्टनर से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आइडी से कच्चे माल की पेमेंट के लिए बैंक खाता बदलने का संदेश मिला। इसी दौरान महिला आरोपित फोन पर संपर्क करती रही और ईमेल को सही बताकर कारोबारी का भरोसा बनाए रखा।

दो इमेल और दो ट्रांजेक्शन में खाते से निकल गए 20 लाख

फर्जी इमेल को असली समझकर विनय ने 2 सितंबर को 10 लाख और 3 सितंबर को 10 लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दोबारा बैंक खाता बदलने संबंधी ईमेल आया तो उसे शक हुआ। कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि बैंक खाता बदला ही नहीं गया था। इसके बाद ठगी का पता चला। मामले में थाना साइबर क्राइम फतेहाबाद में 5 सितंबर को केस दर्ज किया गया।

ऐसे पकड़े गए आरोपित

पुलिस ने फर्जी ईमेल और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। कारोबारी को ईमेल भेजने वाले आइपी एड्रेस की जांच में उसकी लोकेशन पूर्वी दिल्ली की मिली। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर संपर्क कर वहां दबिश दी। वरुण के पकड़े जाने के बाद पूछताछ में शहनवाज, कुसुम और वसीम खान तक भी पुलिस पहुंच गई।

साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए कारोबारियों की जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं। इमेल से बैंक खाता बदलने का संदेश मिलने पर भुगतान से पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक फोन नंबर पर पुष्टि अवश्य करें। - राहुल देव, थाना प्रभारी साइबर।