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    800 करोड़ से लगेंगे 3 CETP, फरीदाबाद के लोगों को दूषित पानी से मिलेगा छुटकारा

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 12:46 PM (IST)

    फरीदाबाद की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक पानी को अब तीन नए सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के जरिए ट्रीट किया जाएगा। 800 करोड़ रु ...और पढ़ें

    खंदावली गांव में सिंचाई विभाग के रजवाहे खेतों में होने जलभराव से दर्जनों एकड़ फसल हो जाती है बर्बाद। जागरण

    खंदावली गांव में सिंचाई विभाग के रजवाहे खेतों में होने जलभराव से दर्जनों एकड़ फसल हो जाती है बर्बाद। जागरण

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। फरीदाबाद शहर की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी अब फसलों और भूमि को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। क्योंकि इस पानी को ट्रीट करने के लिए एचएसआइआइडीसी की ओर से तीन सीइटीपी (कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाए जाएंगे।

    यह पूरा प्रोजेक्ट कुल 800 करोड़ रुपये में पूरा किया जाएगा। सीइटीपी के लिए बकायदा अलग से लाइन डाली जाएगी। अभी एसटीपी वाली लाइन में ही केमिकल युक्त पानी मिक्स होकर आता है। जिससे एसटीपी भी खराब हो जाते हैं।

    शहर में 25 हजार के आसपास औद्योगिक इकाइयां है। इन इकाइयों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को ट्रीट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि, कुछ इकाइयों ने अपना सीइटीपी लगाया हुआ है। वह अपने स्तर पर ही पानी को ट्रीट करते हैं।

    बाकी इकाइयों का केमिकल युक्त पानी एसटीपी वाली लाइन में ही मिक्स होकर जाता है। इसके साथ कई इकाइयां ऐसी भी है। जो अपना पानी खुले में फेंक देती है। जिससे भूजल भी जहरीला होता है। क्योंकि यह पानी धीरे धीरे रिसकर जमीन में जाता है।

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    एसटीपी की लाइन पर दवाब होगा कम

    अभी निगम के एक एसटीपी में 100 एमएलडी से अधिक पानी ट्रीट किया जाता है। इसमें केमिकल युक्त पानी भी मिला होता है। निगम के अनुसार केमिकल युक्त पानी आने की वजह से एसटीपी के पुर्जे भी खराब हो जाते हैं। अगर सीइटीपी के लिए अलग से लाइन बिछाई जाएगी तो एसटीपी की लाइन पर काफी हद तक दवाब कम हो जाएगा।

    इसके साथ ड्रेन से आने वाले दूषित पानी को अधिक मात्रा में ट्रीट किया किया जा सकेगा। एसटीपी और सीइटीपी से पानी को ट्रीट करके यमुना में भी डाला जाएगा। केमिकल मुक्त पानी होने से यमुना के जलीय जीव भी सुरक्षित रहेंगे। एक एसटीपी में करीबन 50 एमएलडी पानी ट्रीट हो सकेंगे। यानिकी तीन एसटीपी में 150 एमएलडी पानी ट्रीट किया जा सकेगा। 

    यहां बनेंगे सीईटीपी

    प्रतापगढ़, मिर्जापुर और बादशाहपुर के एसटीपी के साथ सीईटीपी परियोजना की तैयारी की जा रही है। पहला टेंडर प्रतापगढ़ के पास लगाया जाएगा। मेयर की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इस बारे में सहमति ली गई। निगम ने एचएसआइआइडीसी को डिमार्केशन यानी (निशानदेही) दे दी है।

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    • 800 करोड़ की लागत से पूरा होगा प्रोजेक्ट
    • 03 एसटीपी के साथ में लगाए जाएंगे सीइटीपी
    • 50 एमएलडी पानी प्रतिदिन होगा ट्रीट
    • 25 हजार औद्योगिक इकाइयां शहर में
    • 100 एमएलडी से अधिक पानी निगम की ओर से किया जाता है ट्रीट

    50 एमएलडी का सीईटीपी लगाए जाएंगे। जो केमिकल युक्त पानी को ट्रीट करेंगे। अभी प्रतापगढ़ एसटीपी के साथ बनाए जाने वाले सीईटीपी को लेकर टेंडर लगाया जाएगा। - पुरुषोत्तम कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, एचएसआइआइडीसी

    निगम की ओर से जमीन की निशानदेही एचएसआइआइडीसी को करा दी गई है। उम्मीद है कि केमिकल युक्त पानी अलग से ट्रीट होने पर एसटीपी की लाइन 15 साल अधिक बढ़ जाएगी। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम