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फरीदाबाद में पानी की किल्लत होगी खत्म, यमुना के पानी से रिचार्ज होगा भूजल; 3 लाख लोगों को मिलेगी राहत

Published: Thu, 27 Aug 2026 07:37 PM (GMT+05:30)

फरीदाबाद में यमुना के बाढ़ क्षेत्र में 15.29 एकड़ में जलाशय बनेगा, जिससे 30-40 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होगा। इसके ...और पढ़ें

जलाशय का निरीक्षण करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा (दाएं से पहला )अधिकारियों से जानकारी लेते हुए। सौ. पीआरओ

जलाशय का निरीक्षण करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा (दाएं से पहला )अधिकारियों से जानकारी लेते हुए। सौ. पीआरओ

HighLights

  1. यमुना बाढ़ क्षेत्र में 15.29 एकड़ में जलाशय निर्माण

  2. जलाशय से 30-40 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होगा

  3. पांच रैनीवेल से 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। गर्मियों में पेयजल किल्लत से जूझने वाले फरीदाबाद और आसपास के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की जलापूर्ति बढ़ाने की योजना के तहत पांच रेनीवेल तैयार किए जा रहे हैं।

प्रत्येक रेनीवेल की क्षमता 10 एमएलडी होगी। इनके तैयार होने के बाद कुल 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। वहीं, यमुना के बाढ़ क्षेत्र में 15.29 एकड़ भूमि पर जलाशय भी तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाढ़ और वर्षा के अतिरिक्त पानी को संग्रहित कर भूजल स्तर को बढ़ाना है।

हर बार 30 से 40 करोड़ लीटर होगा रिचार्ज

बृहस्पतिवार को एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने गांव चांदपुर में प्रस्तावित जलाशय का निरीक्षण किया। करीब 15.29 एकड़ भूमि पर जलाशय तैयार किया जा रहा है। इसके लिए करीब तीन लाख घन मीटर अतिरिक्त मिट्टी की खुदाई की जा रही है।

मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त बाढ़ के पानी को जलाशय में संग्रहित किया जाएगा। जलाशय के प्रत्येक बार पूरी तरह भरने पर लगभग 30 से 40 करोड़ लीटर पानी भूजल में रिचार्ज होने की संभावना है। इससे बाढ़ क्षेत्र में मौजूद जलभृत (एक्विफर) की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पांच रेनीवेल से मिलेगा 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन पांच रेनीवेल, मुख्य बूस्टिंग स्टेशन और कनेक्टिंग पाइपलाइन के काम का भी निरीक्षण किया।

जलापूर्ति बढ़ाने की इस परियोजना से बादशाह, तिगांव और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। पांचों रेनीवेल की क्षमता 10-10 एमएलडी होगी। इस तरह कुल 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

2 से 3 लाख आबादी को गर्मियों में राहत की उम्मीद

करीब 96.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का काम 17 मार्च 2024 को शुरू हुआ था। इसे 15 जून 2027 तक पूरा किया जाना निर्धारित है।

परियोजना पूरी होने के बाद ग्रीन फील्ड कालोनी, चार्मवुड, एनआइटी, सेक्टर-21सी, सेक्टर-45, सेक्टर-46 सहित अन्य क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

विशेष रूप से बादशाह और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों के टेल-एंड इलाकों में रहने वाली करीब 2 से 3 लाख की आबादी को गर्मियों में होने वाली पेयजल किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है।

जलापूर्ति के साथ भूजल रिचार्ज पर भी जोर

एफएमडीए की दोनों परियोजनाओं में एक ओर अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर है, तो दूसरी ओर यमुना के बाढ़ क्षेत्र के अतिरिक्त पानी को जलाशय में संग्रहित कर भूजल रिचार्ज करने की योजना है।

निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर विशाल बंसल, कार्यकारी अभियंता ओमदत्त और प्रोटोकाल आफिसर राजवीर सिंह भी मौजूद रहे।

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