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    रिश्ते में ‘ना’ अब बर्दाश्त नहीं, इनकार का जवाब मौत से... सामने आईं कई खूनी वारदातें

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 12:50 PM (IST)

    फरीदाबाद में रिश्तों में 'ना' सुनने के बाद हिंसा और हत्या की तीन घटनाएं सामने आईं, जहां अस्वीकृति को बर्दाश्त न कर पाने के कारण आत्मघाती कदम और खूनी व ...और पढ़ें

    AI जनरेटेड।

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    HighLights

    1. फरीदाबाद में रिश्तों में 'ना' सुनने पर तीन हिंसक वारदातें।

    2. प्रेमिका के इनकार पर जिम ट्रेनर ने नहर में छलांग लगाई।

    3. संबंध तोड़ने पर प्रेमिका ने प्रेमी की चाकू से हत्या की।

    हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। रिश्ते की शुरुआत दो लोगों की पसंद से होती है, लेकिन उसका खत्म होना भी उतना ही स्वाभाविक है। किसी रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना, बातचीत बंद करना या साथ रहने से इनकार करना हर व्यक्ति का अधिकार है।

    फरीदाबाद में पिछले करीब एक महीने के दौरान सामने आए तीन घटनाक्रम हालांकि इस अधिकार के दूसरे और भयावह पहलू की ओर इशारा कर रहे हैं। यहां रिश्तों में मिला ‘ना’ कहीं आत्मघाती कदम, कहीं हत्या और कहीं खूनी बदले में बदल गया।

    आगरा नहर में छलांग लगाई

    सबसे पहले आगरा नहर का वह घटनाक्रम सामने आया, जिसने रिश्तों में बढ़ती जिद और भावनात्मक उथल-पुथल पर सवाल खड़े किए। 13 जुलाई को बीपीटीपी पुल के पास आकाश नाम के जिम ट्रेनर ने मेकअप आर्टिस्ट के साथ अपना हाथ बांधकर आगरा नहर में छलांग लगा दी।

    जांच में पता चला कि दोनों की पहचान जिम में हुई। इसके बाद दोनों रिलेशन में आ गए। बाद में महिला ने रिलेशन आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। आकाश इनकार बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसने यह खाैफनाक कदम उठाया।

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    चाकू से गला काटकर हत्या

    दो अगस्त को गांव अनंगपुर में सदाकत नाम के पेंटर की उसकी प्रेमिका सुनीता ने अपने कमरे पर बुलाकर चाकू से गला काटकर हत्या कर दी थी। सदाकत और अनीता रिलेशन में थे, मगर अब सदाकत रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहता था। यह बात सुनीता को बर्दाश्त नहीं हुई और उसने यह कदम उठाया।

    चार अगस्त को सरूरपुर के एक स्कूल में शिक्षिका संध्या की हत्या ने रिश्ते में ‘ना’ को लेकर हिंसक मानसिकता का दूसरा चेहरा दिखाया।

    पुलिस जांच के अनुसार, संध्या और आरोपी अमित पहले से एक-दूसरे को जानते थे। संध्या ने उससे बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद अमित ने उसकी हत्या की योजना बनाई और स्कूल पहुंचकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।

    ‘ना’ को अपना अपमान समझने लगते हैं

    मनोविश्लेषक डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि रिश्ते में अस्वीकार किया जाना किसी व्यक्ति के लिए भावनात्मक रूप से कठिन हो सकता है, लेकिन अस्वीकार को अधिकार की चुनौती समझ लेना खतरनाक मोड़ है। मनोविज्ञान में इसे रिजेक्शन सेंसिविटी यानी अस्वीकार के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता के रूप में देखा जाता है।

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    शोधों में पाया गया है कि ऐसे लोगों में ईर्ष्या, रिश्तों में संघर्ष और हिंसक व्यवहार का जोखिम अधिक हो सकता है। यही वह बिंदु है जहां प्यार और अधिकार की भावना अलग हो जाती है। प्यार में सामने वाले की पसंद का सम्मान होता है, जबकि अधिकार की भावना में व्यक्ति यह मानने लगता है कि सामने वाला उसकी इच्छा के मुताबिक ही फैसला करे।

    ‘ना’ सुनने के बाद रास्ते अलग होना भी रिश्ते का हिस्सा

    पूर्व डीजीपी डॉ. केपी सिंह का कहना है कि इन घटनाओं का सबसे बड़ा संदेश यही है कि रिश्ता खत्म होना जिंदगी का अंत नहीं है और न ही किसी को दूसरे की जिंदगी पर अधिकार मिल जाता है। बातचीत बंद होने या संबंध से इनकार को स्वीकार करना भावनात्मक परिपक्वता है। इसके विपरीत बदला, धमकी, पीछा करना या हिंसा केवल एक रिश्ते को नहीं, कई जिंदगियों को तबाह कर देती है।