फरीदाबाद में युवक को झपटता-गुर्राता देख सहमे लोग, कुछ दिन पहले काट लिया था कुत्ते ने; नहीं लगवाई वैक्सीन
फरीदाबाद में युवक को कुत्ते के काटने के बाद रेबीज जैसे लक्षण दिखने पर अस्पताल में भर्ती कराया, उसने समय पर वैक्सीन नहीं लगवाई थी। विभाग ने तत्काल टीका ...और पढ़ें

HighLights
फरीदाबाद में युवक को कुत्ते ने काटा, नहीं ली वैक्सीन।
रेबीज जैसे लक्षण दिखने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। जिले में आवारा कुत्ते लोगों को काट रहे हैं। मगर जिला प्रशासन मात्र झूठे वादे करके इन्हें एक केस फाइल बनाकर भूल जा रहा है। हाल में ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ी है, जो कुत्ते के काटने से घायल हुए हैं।
ताजा मामला एक ऐसे शख्स से जुड़ा है, जिसे कुत्ते ने अपना शिकार बनाया। उसे जब अस्पताल ले जाया गया तो उसका व्यवहार ही बदल गया। वह देखते ही देखते लोगों पर झपटने लगा। गुर्राने लगा। उन्हें काटने की कोशिश करने लगा। जनपद में इस घटना को देखकर सभी सहम गए। पीड़ित ने कुत्ते के काटने के बाद तुरंत ही लगने वाली वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार दोपहर सराय ख्वाजा क्षेत्र से एक युवक को नागरिक अस्पताल ले जाया गया था। उसका व्यवहार बड़ा ही आक्रामक हो गया था। वह अजीब हरकतें कर रहा था। युवक को लेकर आने वाले लोगों ने बताया कि साहिल नाम के इस युवक को कई दिन पहले कुत्ते ने काटा था। संभवत: उसने इलाज नहीं करवाया। रैबीज इंजेक्शन न लगवाने के कारण उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी और शुक्रवार को उसका व्यवहार पूरी तरह से असामान्य हो गया।
तत्काल एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने की हिदायत
सूचना मिलने पर पल्ला पुलिस चौकी की टीम भी नागरिक अस्पताल पहुंच गई। डाॅक्टरों ने युवक का इलाज शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि युवक में रेबीज जैसे लक्षण होने की आशंका के आधार पर उसका इलाज किया जा रहा है। हालांकि, रैबीज की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही की जा सकेगी। जिन लोगों के संपर्क में युवक आया था। उन्हें भी तत्काल एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने की हिदायत दी जा रही है।
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बता दें कि कुछ दिन पहले बल्लभगढ़ में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जिसमें कुत्ते के काटने के बाद एक युवक में रैबीज जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन कुत्ते काटे जाने के लगभग 100 मामले आ रहे हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से लोग चिंतिंत हैं। नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विकास गोयल ने बताया कि कुत्ते के काटे जाने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इलाज पर ध्यान दिया जाना चाहिए। समय रहते इलाज करा लेने से ही जोखिम से बचाव संभव है।