विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फरीदाबाद में बिना डिग्री के चल रहा फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक सील, सीएम फ्लाइंग ने की बड़ी कार्रवाई

Published: Tue, 18 Aug 2026 08:22 PM (IST)

फरीदाबाद के चंदावली गांव में बिना वैध डिग्री के क्लीनिक चला रहे एक व्यक्ति पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और स्वास्थ्य विभाग ...और पढ़ें

फरीदाबाद में बिना डिग्री के चल रहा फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक सील।

फरीदाबाद में बिना डिग्री के चल रहा फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक सील।

HighLights

  1. चंदावली में बिना डिग्री क्लीनिक चलाने वाले पर छापा।

  2. बलराज उर्फ बनवारी लाल मरीजों का इलाज करते पकड़ा गया।

  3. स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। गांव चंदावली में बिना वैध मेडिकल डिग्री के क्लीनिक चलाकर मरीजों का इलाज करने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री उडन दस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को राधिका सरोवर के सामने स्थित साक्षी क्लीनिक पर औचक निरीक्षण किया।

जांच के दौरान क्लीनिक में एक व्यक्ति मरीजों का इलाज करता मिला, लेकिन वह कोई वैध मेडिकल डिग्री अथवा आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सका। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि चंदावली में बलराज नामक व्यक्ति डाक्टर बनकर लोगों का इलाज कर रहा है।

टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर क्लीनिक पर छापेमारी की गई

सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर क्लीनिक पर छापेमारी की गई। मौके पर डाक्टर की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम बलराज उर्फ बनवारी लाल निवासी खेड़ला, पलवल बताया। क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर डा.संदीप लिखा हुआ था, लेकिन जांच के दौरान कथित डॉक्टर मौके पर नहीं मिला।

टीम को क्लीनिक के अंदर विजिटिंग कार्ड, रसीद बुक और ओपीडी रजिस्टर मिले, जिन पर बलराज उर्फ बनवारी लाल के मोबाइल नंबर अंकित थे। जांच के दौरान क्लीनिक में विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां, मेडिकल उपकरण और तीन बेड भी मिले। टीम ने बलराज से मरीजों का इलाज करने के लिए आवश्यक मेडिकल डिग्री और अन्य दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

बलराज उर्फ बनवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू

स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर रामनिवास की शिकायत पर थाना सदर बल्लभगढ़ पुलिस ने बलराज उर्फ बनवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोप है कि वह बिना वैध डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा था और विजिटिंग कार्ड व बिल बुक पर डॉक्टर लिखकर लोगों को भ्रमित कर रहा था।

यह भी पढ़ें- फरीदाबाद SIR: 30 अगस्त तक दावे-आपत्ति दर्ज कराने का मौका, 3 अक्टूबर को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट