विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फर्जी बिल से करोड़ों का ITC लेने का आरोप, ED की फरीदाबाद समेत 3 शहरों में 9 ठिकानों पर छापेमारी

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:12 PM (IST)

ईडी ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच में फरीदाबाद सहित तीन शहरों में नौ ठिकानों पर छापेमारी की।

ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में कुल नौ ठिकानों पर कार्रवाई की। वीडियो ग्रैब

ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में कुल नौ ठिकानों पर कार्रवाई की। वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. ईडी ने फर्जी आईटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की।

  2. फरीदाबाद, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद में नौ ठिकानों पर कार्रवाई हुई।

  3. 9.63 करोड़ के गलत आईटीसी लाभ का आरोप है।

हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को फरीदाबाद समेत तीन शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में कुल नौ ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत की गई।

सुबह छह बजे से शुरू हुई कार्रवाई

फरीदाबाद में ईडी की टीमें सोमवार सुबह करीब छह बजे सेक्टर-15 और सेक्टर-8 पहुंचीं। यहां एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों के आवासों पर तलाशी ली गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेक्टर-15 के मकान नंबर 972 में रहने वाले नमन अग्रवाल और सेक्टर-8 के मकान नंबर 389 में रहने वाले विनोद अग्रवाल के घर पर ईडी की टीम ने सर्च अभियान चलाया। टीमों ने घरों में दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी अलग-अलग जानकारी ईडी की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स से जुड़ी जांच

ईडी की कार्रवाई मेसर्स जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार नेटवर्क में फर्जी इनवॉयस और ई-वे बिल तैयार कर बिना वास्तविक माल की आवाजाही के आईटीसी हासिल करने और उसे दूसरी इकाइयों को आगे पास करने का आरोप है।

9.63 करोड़ के आईटीसी का गलत लाभ लेने का आरोप

जांच के दौरान जीएसटी अधिकारियों के स्तर पर करीब 9.63 करोड़ रुपये के आईटीसी का कथित तौर पर गलत तरीके से लाभ लिए जाने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 10.28 करोड़ रुपये के आईटीसी को आगे अन्य इकाइयों को पास किए जाने की जानकारी जांच एजेंसी की ओर से दी गई है। ईडी के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।

फर्जी कंपनियों से रकम की लेयरिंग का आरोप

ईडी की जांच में कथित नेटवर्क में कई फर्जी कंपनियों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। आरोप है कि इन कंपनियों के माध्यम से सर्कुलर लेन-देन किया गया और रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर उसकी लेयरिंग की गई। इसके बाद कथित तौर पर नकद निकासी भी की गई। अब ईडी इन लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन लोगों और कंपनियों तक पहुंची।

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही टीम

तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित रकम की मनी ट्रेल का पता लगाना, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और दस्तावेजी व डिजिटल साक्ष्य जुटाना है। ईडी की टीमें वित्तीय रिकॉर्ड, कारोबारी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।

फिलहाल सोमवार को हुई कार्रवाई के संबंध में किसी गिरफ्तारी या विशेष बरामदगी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ईडी की जांच जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका भी जांची जा रही है।