1992 में हुई थी बिक्री, अब सरप्लस घोषित हुई करोड़ों की जमीन; गुप्ता होटल चौक की भूमि पर आखिर किसका हक?
बल्लभगढ़ के गुप्ता होटल चौक पर खसरा नंबर 158/2 की विवादित भूमि को राजस्व विभाग के विशेष कलेक्टर ने सरप्लस घोषित कर दिया है। ...और पढ़ें

गुप्ता होटल चौक पर विवादित भूमि सरप्लस घोषित हुई। इमेज एआई
सुभाष डागर, बल्लभगढ़। राजस्व विभाग के विशेष कलेक्टर ने गुप्ता होटल चौक पर लंबे समय से खाली पड़ी हुई करोड़ों रुपये की विवादित भूमि को सरप्लस घोषित कर दिया है। इसके संबंध में विशेष कलेक्टर ने एसडीएम बल्लभगढ़ के नाम एक पत्र भेजा है। यह पत्र एसडीएम के पांच दिसंबर-2023 को भेजे भूमि संबंधित विवरण के बारे में जांच करने के बाद भेजा है।
गुप्ता होटल चौक पर खसरा नंबर-158/2 (एक कनाल 15 मरला) है। यह भूमि राजा नाहर सिंह के मुखत्यार खास कर्नल हरेंद्र सिंह बराड़ ने 1992 में शहर के कुछ लोगाें को अपनी बता कर बेच दिया था। पांच दिसंबर-2023 को तत्कालीन एसडीएम त्रिलोक चंद ने जांच करते हुए खसरा नंबर- 158/2 (एक कनाल 15 मरला) सरप्लस घोषित कर दिया और राजस्व विभाग के विशेष कलेक्टर निदेशक भूमि अभिलेख पंचकूला को जांच करने के लिए भेज दिया।
अब राजस्व विभाग के विशेष कलेक्टर निदेशक निदेशक भूमि अभिलेख पंचकूला ने अपनी जांच करने के बाद आदेश जारी किए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 30 जून 2014 को दिए गए निर्णय के आलोक में तत्कालीन विशेष कलेक्टर (कृषि) हरियाणा ने सात जून- 1979 के आदेश के तहत कर्नल हरिंदर सिंह बराड़ की भूमि निर्धारित करते समय यह भी आदेश दिया था कि उनकी तय सीमा से बाहर पाई जाने वाली तथा भू-स्वामी के स्वामित्व में शेष रहने वाली कोई भी भूमि अतिरिक्त भूमि (सरप्लस भूमि) मानी जाएगी।
इसी कारण खसरा नं. 158/2, रकबा एक कनाल 15 मरला को भी अतिरिक्त भूमि (सरप्लस) घोषित किया गया। इस आदेश को पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बंजर या गैर मुमकिन भूमि सरप्लस की परिभाषा में नहीं आती।
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इसलिए इस भूमि अतिरिक्त भूमि (सरप्लस) घोषित नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने 30 जून.2014 के निर्णय में इस तर्क को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि बंजर या गैर मुमकिन भूमि भी अधिनियम 1972 के अंतर्गत अतिरिक्त (सरप्लस) की परिभाषा में शामिल है और अतिरिक्त भूमि निर्धारित करते समय उसकी भी गणना की जाएगी।
परिणामस्वरूप सीडब्ल्यूपी नं. 2994/1991 याचिका खारिज कर दी गई। सात जनू.1979 का आदेश अभी भी पूरी तरह से प्रभावी है। क्योंकि उसे किसी सक्षम न्यायालय द्वारा निरस्त, संशोधित या रद्द नहीं किया गया है। इसलिए खसरा नं. 158/2 को अतिरिक्त भूमि घोषित करने का आदेश अभी भी लागू है। विशेष कलेक्टर ने इस भूमि पर अब एसडीएम को कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
विशेष कलेक्टर के आदेशानुसार इस भूमि की चहारदीवारी कराने के लिए तहसीलदार को लिख कर भेज दिया है। अब इस मामले में सिर्फ यह तय किया जाना है कि चहारदीवारी पीडब्ल्यूडी करेगा या कोई अन्य विभाग। जल्दी ही इस काम को पूरा करके रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेज दी जाएगी।
-मंयक भारद्वाज, एसडीएम बल्लभगढ़
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