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    पंजोखरा बवाल मामले मेंसिख संगत के भारी दबाव के बाद पीछे हटी पुलिस, हिरासत में लिए गए दो लोगों को छोड़ा

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:28 AM (GMT+05:30)

    पंजोखरा बवाल मामले में दो लोगों की हिरासत के विरोध में सिख संगत ने अंबाला के पंजोखरा थाने का साढ़े चार घंटे घेराव किया। ...और पढ़ें

    पंजोखरा बवाल में जांच से पहले भड़के सिख (फोटो: जागरण)

    पंजोखरा बवाल में जांच से पहले भड़के सिख (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. दो व्यक्तियों की हिरासत पर सिख संगत भड़की।

    2. पंजोखरा थाने का साढ़े चार घंटे घेराव किया।

    3. साक्ष्य न मिलने पर दोनों व्यक्ति रिहा हुए।

    जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर हुए बवाल के बाद मामला शांत होने के बजाय गर्म हो गया। शुक्रवार को गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे समेत कई लोगों के घायल होने के बाद शनिवार रात पुलिस ने मंड की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत मामला दर्ज किया था।

    रविवार तड़के इसी मामले की जांच के दौरान कलरेहड़ी गांव के दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने पर सिख संगत भड़क गई और उन्होंने पंजोखरा थाने का घेराव कर दिया।

    इससे पहले गुरुद्वारा साहिब में बैठे हुई जिसमें पूरी घटना पर रोष जताया गया। बैठे में एचएसजीपीसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा, रुपिंद्र सिंह, गुरतेज सिंह, टीपी सिंह, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य सिख पदाधिकारी मौजूद रहे।

    थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग

    सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ घेराव दोपहर करीब ढाई बजे तक चला। संगत की मांग थी कि दोनों व्यक्तियों को तुरंत छोड़ा जाए और थाना प्रभारी को निलंबित किया जाए। क्योंकि थाना प्रभारी ने सुरक्षा में लापरवाही बरती।

    यदि मंड आ रहा था तो सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। दोपहर करीब सवा दो बजे पुलिस ने जांच के दौरान दोनों के खिलाफ मारपीट के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए उन्हें नियमानुसार रिहा कर दिया।

    इसके बाद संगत ने ढाई बजे घेराव समाप्त किया। बातचीत के दौरान पुलिस ने थाने में मौजूद सिख संगत व नेताओं को पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की वीडियो भी दिखाई। जब तक दोनों व्यक्तियों को रिहा नहीं किया गया, संगत थाने के बाहर डटी रही।

    कैंट डीएसपी कुलदीप सिंह का कहना है कि जांच में दोनों व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं इसलिए इनको रिहा कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।

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