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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana News: नफे सिंह राठी को लगातार मिल रही थी धमकियां... मांगी थी सुरक्षा, अभय सिंह चौटाला ने उठाए गंभीर सवाल

By Anurag Aggarwa Edited By: Shoyeb Ahmed
Updated: Sun, 25 Feb 2024 11:57 PM (IST)

बहादुरगढ़ से दो बार विधायक रह चुके और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या पर तमाम विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। उनक ...और पढ़ें

नफे सिंह राठी की हत्या पर अभय सिंह चौटाला ने उठाए गंभीर सवाल
नफे सिंह राठी की हत्या पर अभय सिंह चौटाला ने उठाए गंभीर सवाल

HighLights

  1. हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में आज राठी की हत्या पर जबरदस्त हंंगामे के आसार
  2. हरियाणा के पूर्व विधायकों की राज्य स्तरीय एसोसिएशन के अध्यक्ष भी थे नफे सिंह राठी
  3. अभय सिंह चौटाला ने एक्स हेडिंग पर लगाया सरकार पर राठी को सुरक्षा नहीं देने का आरोप

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष एवं बहादुरगढ़ से दो बार विधायक रह चुके नफे सिंह राठी की हत्या (Nafe Singh Rathi Murder) से पूरा प्रदेश स्तब्ध है।

नफे सिंह राठी की गिनती पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के प्रिय साथियों और इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला के विश्वासपात्रों में होती थी।

लोकल राजनीति की पराकाष्ठा से देखा जा रहा जोड़कर 

राठी की हत्या को झज्जर-बहादुरगढ़ की लोकल राजनीति की पराकाष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। पूर्व मंत्री मांगे राम राठी के बड़े बेटे जगदीश नंबरदार के आत्महत्या मामले में नफे सिंह राठी के तार जोड़ने की कोशिश की गई थी। इस केस में उन पर एफआइआर भी दर्ज हुई थी, जिसका इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने पुरजोर विरोध किया था।

राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने राठी हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी हरियाणा के पूर्व विधायकों की राज्य स्तरीय एसोसिएशन के अध्यक्ष भी थे। फिलहाल विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है।

विधानसभा में हंगामे के आसार

सोमवार को राठी की हत्या के मामले में विधानसभा में जबरदस्त हंगामा होने के आसार हैं। इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाते हुए नफे सिंह राठी की हत्या का मामला विधानसभा में उठा सकते हैं।

कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला और जेजेपी अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने नफे सिंह राठी की हत्या पर दुख बताते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

हरियाणा की राजनीति में था नफे सिंह राठी का नाम शुमार

नफे सिंह राठी का हरियाणा की राजनीति में बड़ा नाम रहा है। वह बहादुरगढ़ से 1996 और 2005 में इनेलो के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। दो बार बहादुरगढ़ नगर परिषद के चेयरमैन भी रहे हैं। आल इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट का दायित्व भी नफे सिंह राठी ने निभाया है। अपने दौर में उन्होंने कुश्तियां भी लड़ी।

राठी ने एक साल 2009 में इनेलो के टिकट पर रोहतक से दीपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। राजनीतिक मजबूरियों के चलते 2014 में जब इनेलो ने नफे सिंह राठी का टिकट काट दिया था, तब वह निर्दलीय चुनाव लड़े थे। इनेलो के विघटन के बाद नफे सिंह जेजेपी में नहीं गए, लेकिन कुछ दिन भाजपा में रहने के बाद इनेलो में वापस लौट आए थे।

जान से मारने की मिल रही थी धमकियां

बताया जाता है कि नफे सिंह राठी को पिछले कई दिनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थी। इस बारे में उन्होंने झज्जर के एसपी को शिकायत भी दर्ज कराई थी और सुरक्षा की मांग भी की थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं हो पाई थी।

अभय सिंह चौटाला ने एक्स पर ये लिखा

इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने एक्स हेंडिल पर नफे सिंह राठी की हत्या की जानकारी देते हुए कहा कि उन पर हुए कायराना हमले से पूरा इनेलो परिवार स्तब्ध है, नफे सिंह हमारी पार्टी ही नहीं हमारे परिवार का हिस्सा थे, वे मेरे भाई समान थे।

नफे सिंह ने हाल ही में सीएम, गृहमंत्री और आइजी को खुद पर होने वाले हमले की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। उस समय तो सरकार ने राजनीति की और सुरक्षा नहीं दी।

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एक साल पहले नफे का शस्त्र लाइसेंस किया गया था निलंबित

करीब एक साल पहले नफे सिंह राठी का शस्त्र लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया था। उस समय नफे सिंह राठी के पुत्र नगर पार्षद जितेंद्र राठी ने अपना व अपने पिता के शस्त्र लाइसेंस को निलंबित करने को नाजायज बताया था और सरकार से अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की थी।

जितेंद्र राठी ने तब एक भाजपा नेता कर्मबीर राठी पर प्लाट के विवाद में कई गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि जिस भूखंड को कर्मबीर अपना बता रहे हैं, वर्ष 1998 से उसकी असल मालिक उनकी मां शीला देवी व ताई बाला देवी हैं। जितेंद्र राठी का आरोप था कि जिस केस का हवाला देकर उनका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जमा करवाया गया है, उस केस में उनका नाम ही नहीं था।

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