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'सिर्फ LoC नहीं, पाकिस्तान में अंदर तक किया हमला', पूर्व सेना प्रमुख का ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा

Published: Sat, 29 Aug 2026 08:35 PM (IST)

पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे का बड़ा खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे का बड़ा खुलासा

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डिजिटल डेस्क, वडोदरा। पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने आपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई भारत की सुरक्षा नीति में एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए इस अभियान ने साबित कर दिया है कि आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को अब दुनिया के किसी भी कोने में सुरक्षा नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर एक बहुत जरूरी कार्रवाई थी। इसने पाकिस्तान के प्रति भारत के नजरिये में बहुत बड़ा बदलाव दिखाया, क्योंकि इन हमलों में न केवल सीमा के पास मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, बल्कि पड़ोसी देश के अंदर मौजूद उनके समर्थकों को भी निशाना बनाया गया।

उरी और बालाकोट से आगे बढ़कर की गई गहरी कार्रवाई

वडोदरा में एक निजी कार्यक्रम से इतर जनरल नरवणे ने स्पष्ट किया कि अतीत में उरी और पुलवामा (बालाकोट) जैसी घटनाओं के बाद भारत की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से सीमा के करीब स्थित आतंकी ठिकानों तक ही सीमित थी।

लेकिन 'आपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा के पार जाकर सीधे उन ताकतों को निशाना बनाया, जो पाकिस्तान के भीतर मुरीदके और बहावलपुर जैसे सुरक्षित अड्डों से आतंकवादियों को समर्थन और रसद मुहैया कराती थीं।

उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस संकल्प को दोहराया कि भारत जरूरत पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर उसे बेअसर करने का माद्दा रखता है।

पाकिस्तान में भारत का मुकाबला करने की क्षमता नहीं

सर क्रीक सेक्टर में पाकिस्तान की कथित ऑपरेशन अबाबील से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पूछे जाने पर पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि इस तरह की हरकतों पर हमारी सेना की पैनी नजर रहती है।

उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारतीय सशस्त्र बल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और सही समय पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या पाकिस्तान, भारत से मुकाबला करने में सक्षम है, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में जवाब दिया - मेरी राय में, बिल्कुल नहीं।

भारत-चीन संबंध एवं थिएटर कमांड पर साझा किए विचार

पूर्व सेना प्रमुख ने भारत-चीन संबंधों और थिएटर कमांड पर भी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हालिया बातचीत दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के संदर्भ में है।

यह विशेष प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता का 25वां दौर था, जो पहली बार नहीं हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्शे और जमीन पर सीमा स्पष्ट रूप से सीमांकित नहीं है, जिसके कारण दोनों देशों के बीच अक्सर विवाद उत्पन्न होते हैं।

इसके अलावा, प्रस्तावित थिएटर कमांड के संदर्भ में उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों के थिएटराइजेशन पर चर्चा कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुई थी और यह कोई नया विचार नहीं है, बल्कि एक पुरानी प्रक्रिया का हिस्सा है।