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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पांच सौ व एक हजार रुपए की नोट लेने से परहेज

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Thu, 10 Nov 2016 03:35 AM (IST)

डेयरी, बीएसएनएल, राशन वालों ने पांच सौ व एक हजार की नोट लेना बंद कर दिया लेकिन बूटलेगर बिंदास होकर 500 व 1000 की नोट लेकर अवैध शराब बेच रहे हैं।

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अहमदाबाद। डेयरी, बीएसएनएल, राशन वालों ने पांच सौ व एक हजार की नोट लेना बंद कर दिया लेकिन बूटलेगर बिंदास होकर 500 व 1000 की नोट लेकर अवैध शराब बेच रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद, भ्रष्टाचार व कालेधन के साथ नकली नोटों व माफिया कारोबार की नकेल कसने के लिये पांच सौ व एक हजार रुपए के नोट तत्काल बंद करने की घोषणा की तो अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, जामनगर आदि शहरों के साथ गुजरात के गांवों में भी बडे नोट लेकर लोग एटीएम, पेट्रोल पंप, बीएसएनएल, डेयरी व राशन की दुकानों पर पहुंचने लगे।

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद सभी जगहों पर पांच सौ व एक हजार रुपए की नोट लेने से परहेज करने लगे वहीं खुल्ले पैसे नहीं होने के कारण भी दुकानदारों को व्यापार बंद करना पडा। पेट्रोल पंप, दवा की दुकानें व डेयरी पर देर रात तक लोगों की भीड रही वहीं अहमदाबाद, मुंबई, अहमदाबाद वडोदरा आदि हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगीं। हर जगह पांच सौ व हजार के नोट लेना बंद कर दिया लेकिन अहमदाबाद के कई विस्तानरों में बूटलेगरों के पास पांच सौ हजार के नोट के थैले भरे होने के बावजूद बूटलेगर पांच सौ व एक हजार रुपए की नोट ले रहे थे।

एक बूटलेगर ने बताया कि उनके पास पहले से पांच सौ व एक हजार रुपए की नोट के बोरे भरे हैं, उनके साथ इनकों भी कहीं ना कहीं ठिकाने लगा ही देंगे। बूटलेगर मजाक में कहने भी लगे हैं कि उधर जियो फ्री इधर पियो फ्री।

सूरत आदि शहरों के प्रख्यात हीरा व्यापारी व ज्वैलर्स ने भी सरकार के आदेश का हवाला देते हुए पांच सौ हजार रु की नोट के बजाय क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, चैक व पुराने गहनों के बदले ही लेन देन के बोर्ड चस्पा कर दिये। अहमदाबाद रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए 11 नवंबर मध्य रात्रि तक पांच सौ व हजार रु के नोट लेना जारी रखा है। लेकिन हर यात्रि पांच सौ व हजार की ही नोट ला रहा है जिसके चलते रेलवे को भी लेन देन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।

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