'गुजरात में भाजपा को करेंगे परास्त', राहुल गांधी के दावे के उलट क्या है जमीनी हकीकत?
राहुल गांधी के गुजरात में भाजपा को हराने के दावे के विपरीत, राज्य में कांग्रेस की जमीनी हकीकत कमजोर है और संगठन में निष्क्रियता है। ...और पढ़ें

राहुल गांधी का गुजरात जीतने का दावा जमीनी हकीकत से दूर

समय कम है?
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शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में खड़े होकर गुजरात में भाजपा को परास्त करने का दावा तो कर दिया, लेकिन राज्य में कांग्रेस की जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
प्रदेश संगठन में बदलाव की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन यह सिर्फ बातें ही हैं पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी संगठन की शिथिलता से नाराज हैं। उत्तर गुजरात के कांग्रेस नेताओं ने हाल ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
गुजरात में कांग्रेस की जमीनी हकीकत?
राज्य से कांग्रेस की एकमात्र सांसद गेनीबेन ठाकोर की अगुवाई में कांग्रेस विधायक बलदेव जी ठाकोर, विधायक किरीट पटेल, पूर्व विधायक रघु देसाई, पूर्व विधायक गुलाब सिंह राजपूत आदि नेताओं ने दिल्ली में खरगे से मुलाकात की।
इन नेताओं ने पार्टी में भितरघात को सबसे बड़ी समस्या बताया। उनका कहना है कि पार्टी की ओर से टिकट दिए जाने के बावजूद कई नेता समानांतर किसी और नेता का समर्थन करते हैं।
राहुल गांधी ने अपनी गुजरात यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को रेस के घोड़े और बरात के घोड़े बताते हुए स्पष्ट कहा था कि अब पार्टी में रेस के घोड़े ही दौड़ेंगे।
कांग्रेस गुजरात को जीत कर दिखाएगी: राहुल
इसके बाद उन्होंने संसद में खड़े होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा था कि कांग्रेस गुजरात को जीत कर दिखाएगी।
इस दावे को किए हुए लगभग एक वर्ष हो गया लेकिन गुजरात कांग्रेस में उसके मुताबिक न कोई काम नजर आ रहा और न ही कोई बदलाव।
गुजरात में 2027 के अंत में विधानसभा चुनाव होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में पार्टी बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक पूरी तरह सक्रिय है।
लोगों से जुड़ाव का भी प्रयास कर रही है लेकिन कांग्रेस युवा नेताओं की ऊर्जा का भी भरपूर उपयोग नहीं कर पा रही। प्रदेश स्तर पर पहुंच रखने वाले कई युवा नेता बड़े शहरों तक सिमेट दिए गए हैं।