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FIFA World Cup 2026: स्कॉटलैंड ने 10,224 दिन बाद तो स्वीडन ने 2,903 दिनों बाद खत्म किया गोल का सूखा

Updated: Wed, 17 Jun 2026 06:30 AM (IST)

फीफा विश्व कप 2026 में कई टीमों ने अपने लंबे समय से चले आ रहे गोल के सूखे को खत्म किया है। स्कॉटलैंड ने 10,224 दिन और स्वीडन ने 2,903 दिन बाद विश्व कप में गोल दागकर वापसी की।

खत्म हुआ गोलों का सूखा

खत्म हुआ गोलों का सूखा

HighLights

  1. स्कॉटलैंड ने 10,224 दिन बाद विश्व कप में गोल किया

  2. स्वीडन ने 2,903 दिनों के बाद गोल का सूखा समाप्त किया

  3. कई टीमों ने फीफा विश्व कप में गोल के सूखे को तोड़ा

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: फुटबॉल प्रेमियों के लिए फीफा विश्व कप 2026 का रोमांच चरम पर है। हर मुकाबले में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और रोमांचक नजारे देखने को मिल रहे हैं। इस बार टूर्नामेंट में शामिल 48 टीमों में से 16 ऐसी हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे अपने गोल के सूखे को खत्म करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी हैं।

इनमें स्वीडन से लेकर स्कॉटलैंड तक कई देश शामिल हैं, जिन्होंने लंबे अंतराल के बाद विश्व कप में फिर से गोल करने का आनंद हासिल किया है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जिन्होंने अब तक यह सूखा खत्म किया है।

स्वीडन: 2,903 दिन बाद

कतर 2022 के लिए क्वालीफाई न कर पाना स्वीडन के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि 2018 विश्व कप में उन्होंने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। उस टूर्नामेंट में एमिल फोर्सबर्ग ने राउंड ऑफ 16 में स्विट्जरलैंड के विरुद्ध विजयी गोल किया था। करीब आठ साल बाद यासिन अयारी ने मांटेरी में ट्यूनीशिया पर 5-1 की शानदार जीत में पहला गोल दागकर स्वीडन के गोल सूखे को समाप्त किया।

मिस्र: 2,912 दिन बाद

मिस्र को विश्व कप फाइनल्स में लौटने में 28 साल लगे। रूस 2018 में उनकी शुरुआत दो हार के साथ हुई। स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सालाह ने सऊदी अरब के विरुद्ध टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन मिस्र 2-1 से हार गया। इस बार मिस्र ने वापसी करते हुए बेल्जियम को चौंका दिया। इमाम आशूर के शानदार गोल की मदद से टीम ने बढ़त बनाई और बाद में 1-1 की बराबरी के साथ 36 वर्षों में अपना पहला विश्व कप अंक हासिल किया।

बोस्निया और हर्जेगोविना: 4,370 दिन बाद

बोस्निया ने ब्राजील 2014 में पहली बार विश्व कप खेला था और ईरान को 3-1 से हराकर अपनी पहली टूर्नामेंट जीत दर्ज की थी। उस मैच में अवदिया वर्सायेविच का गोल उनका आखिरी विश्व कप गोल था। अब इन फाइनल्स में जोवो लुकिच ने कनाडा के विरुद्ध हेडर लगाकर बढ़त दिलाई और 1-1 के ड्रॉ में टीम का लंबा इंतजार खत्म किया।

आइवरी कोस्ट: 4,373 दिन बाद

बोस्निया की जीत से एक दिन पहले आइवरी कोस्ट के विल्फ्रेड बोनी ने ग्रीस के विरुद्ध 2-1 की हार में गोल किया था। ये टीम तीन विश्व कप संस्करणों से बाहर रही। लेकिन अमाद डियालो ने इक्वाडोर के विरुद्ध नाटकीय विजयी गोल कर इस लंबे इंतजार का अंत किया।

पैराग्वे: 5,836 दिन बाद

स्वीडन की तरह पैराग्वे भी शानदार विश्व कप प्रदर्शन के बाद लंबे समय तक बाहर रहा। दक्षिण अफ्रीका 2010 में टीम पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी। उस टूर्नामेंट में स्लोवाकिया के विरुद्ध क्रिस्टियन रिवेरोस का गोल उनका आखिरी विश्व कप गोल था। 16 साल बाद मारिसियो ने अमेरिका के विरुद्ध 4-1 की हार में सांत्वना गोल कर यह सूखा खत्म किया।

न्यूजीलैंड: 5,839 दिन बाद

दक्षिण अफ्रीका 2010 में शेन स्मेल्ट्ज ने मौजूदा चैंपियन इटली के विरुद्ध 1-1 के ऐतिहासिक ड्रॉ में यादगार गोल किया था। न्यूजीलैंड उस विश्व कप में ग्रुप चरण में अपराजित रहा, लेकिन नॉकआउट दौर में नहीं पहुंच सका। इसके बाद तीन विश्व कप और 16 साल का इंतजार बीता, तब जाकर टीम फिर लौटी। इलायजा जस्ट ने ईरान के विरुद्ध रोमांचक 2-2 ड्रॉ में गोल कर इंतजार खत्म किया।

चेक गणराज्य: 7,304 दिन बाद

जर्मनी 2006 में चेक गणराज्य ने विश्व कप में शानदार शुरुआत की थी। टोमास रोसिकी ने अमेरिका के विरुद्ध 3-0 की जीत में दो गोल किए थे। हालांकि टीम दूसरे दौर में नहीं पहुंच सकी। करीब 20 साल बाद लादिस्लाव क्रेजी ने कोरिया गणराज्य के विरुद्ध हेडर से बढ़त दिलाई, लेकिन चेक गणराज्य 2-1 से हार गया।

स्कॉटलैंड: 10,224 दिन बाद

स्कॉटलैंड ने हैती के विरुद्ध अपने पहले मैच के लिए बोस्टन में जबरदस्त उत्साह के साथ कदम रखा। यह इस सदी में उनका पहला विश्व कप था। फ्रांस 1998 में नॉर्वे के विरुद्ध क्रेग बर्ली का गोल स्कॉटलैंड का आखिरी विश्व कप गोल था। 10,224 दिनों बाद जान मैकगिन के डिफ्लेक्टेड शॉट ने गोल का रास्ता पाया और स्कॉटलैंड को 1-0 की जीत दिलाते हुए उनके लंबे गोल सूखे को समाप्त कर दिया।

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