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FIFA World Cup 2026: जिससे डर रहा है पूरा इंग्लैंड, वह है एर्लिंग वाइकिंग हालैंड

Published: Fri, 10 Jul 2026 11:34 AM (IST)

एर्लिंग हालैंड ने 2019 के अंडर-20 फीफा विश्व कप में सिर्फ एक मैच के गोल से गोल्डन बूट जीता था। ...और पढ़ें

एर्लिंग हालैंड बने इंग्लैंड की मुसीबत

एर्लिंग हालैंड बने इंग्लैंड की मुसीबत


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संक्षेप में पढ़ें

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: 52 मैचों वाले युवा फीफा विश्व कप में गोल्डन बूट (सबसे ज्यादा गोल) की ट्रॉफी जीतने के लिए किसी फुटबॉलर को कितने मैच चाहिए होंगे? छोड़िए, इस सवाल का जवाब दीजिए कि अगर किसी टूर्नामेंट में आपकी टीम सिर्फ एक मैच जीतकर ग्रुप स्टेज से बाहर हो जाए तो आप सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में कितने नंबर पर रहेंगे?

सवाल मुश्किल लग सकते हैं लेकिन इनका जवाब एक ही है, सिर्फ एक। जी हां, सिर्फ एक मैच के गोल की बदौलत एर्लिंग हालैंड ने 2019 के अंडर-20 फीफा विश्व कप का गोल्डन बूट जीता था। होंडुरास के विरुद्ध मैच में हालैंड ने दो गोल दागे थे। उनकी टीम नार्वे तीन लीग मैच में सिर्फ यही जीती थी। बाकी के दो मैच में हालैंड कोई गोल नहीं कर पाए थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में कोई भी युवा फुटबॉलर उनसे आगे नहीं निकल पाया था।

हर तरफ है चर्चा

दुनिया भर में आज जिसकी चर्चा है, उसके लिए गोल करना दुनिया का सबसे आसान काम है। फुटबॉल में अपनी पोजीशन (सेंटर फॉरवर्ड/स्ट्राइकर) की तरह हालैंड को फुटबॉल से बाहर भी खबरों के सेंटर में रहना आता है।

शुरुआत और यूनाइटेड की गलती

इंग्लैंड में बहुत साल क्लब फुटबॉल खेले नॉर्वे के पूर्व फुटबॉलर एल्फी हालैंड और नार्वे की ही हेप्टाथलान एथलीट ग्रि मैरिटा ब्राउट के बेटे एर्लिंग का जन्म साल 2000 में इंग्लैंड के शहर लीड्स में हुआ था। वह चाहते तो इस आधार पर इंग्लैंड के लिए भी खेल सकते थे लेकिन सिर्फ तीन बरस की उम्र में वह वाइकिंग्स के देश नॉर्वे आ गए। हालैंड से जब भी इस विषय पर सवाल होता है तो उनका स्पष्ट जवाब होता है, मैं पैदा भले ही इंग्लैंड में हुआ लेकिन बचपन से ही नॉर्वे में इतना वक्त बिताने के बाद वहां की फुटबॉल टीम से खेलना ही उचित फैसला है।

हालैंड काफी कम उम्र से फुटबॉल खेल रहे हैं, बचपन में तो वह एक साथ कई खेल में भाग लेते थे लेकिन बाद में उन्होंने फुटबॉलर बनने का फैसला किया। स्वीडन के ज्लाटन इब्राहिमोविच को अपना आदर्श मानने वाले हालैंड ने नॉर्वे के क्लबों से ही अपना करियर शुरू किया था। वर्ष 2017 में वह नॉर्वे के क्लब मोल्डे के लिए खेल रहे थे। तब इंग्लैंड के मशहूर क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेले नॉर्वे के ही पूर्व फुटबॉलर ओले गनर सोल्सकयार ने अपने पूर्व क्लब से 40 लाख पाउंड (उस समय के 33.5 करोड़ भारतीय रुपये) में हालैंड को खरीदने की गुजारिश की लेकिन क्लब ने ये बात नहीं मानी।

क्लब के लिए मुश्किल था फैसला

दरअसल उस वक्त तक हालैंड एक युवा और उभरती हुई प्रतिभा थे और इतना बड़ा क्लब एक अनजान खिलाड़ी पर दांव लगाने के पक्ष में नहीं था। बाद में हालैंड, ऑस्ट्रिया के क्लब रेड बुल साल्जबर्ग, जर्मनी के क्लब बोरुशिया डार्टमंड से होते हुए मैनेचेस्टर यूनाइटेड के प्रतिद्वंद्वी मैनचेस्टर सिटी आ गए। वर्ष 2022 में सिटी आने वाले हालैंड को खरीदने में इन पांच सालों में अलग-अलग क्लबों ने मिलाकर लगभग साढ़े छह करोड़ ब्रिटिश पाउंड खर्च किए।

तमाम दिग्गजों का मानना है कि मौजूदा मार्केट में हालैंड की कीमत कम से कम 15 करोड़ पाउंड है। भारतीय मुद्रा में ये रकम 1620 करोड़ रुपये बैठती है।

हालैंड की खासियत

खुद को शेर कहने वाले इब्राहिमोविच के पसंदीदा चेले हालैंड एक लोमड़ी की तरह हैं। आप उन्हें मैच में ज्यादातर वक्त तक टहलते ही पाएंगे। वह अपनी ऊर्जा अंतिम प्रहार के लिए बचाकर रखते हैं। कई बार वह अपनी स्ट्राइकर की पोजीशन छोड़कर मिडफील्ड की मदद के लिए भी चले आते हैं लेकिन ये सबकुछ करते हुए उनका पूरा ध्यान बन रहे मौकों पर होता है। ब्राजील के विरुद्ध इसी विश्व कप का मैच याद कर लीजिए, शेल्ड्रप के पहले क्रॉस के आने तक हालैंड आराम से टहल रहे थे लेकिन जैसे ही लगा कि ये क्रास गोल में बदला जा सकता है, उन्होंने ब्राजील के डिफेंडर गेब्रिएल को झटकते हुए सर से मारकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर

दुनिया हालैंड को मौजूदा वक्त का सर्वश्रेष्ठ (सेंटर फारवर्ड/स्ट्राइकर) मानती है क्योंकि वह पैरों के साथ सर से भी आसानी से गोल कर सकते हैं। हालैंड अपने खेल में अपनी ऊंचाई (6.5 फीट) का पूरा फायदा उठाते हैं। दिन की 6000 कैलोरी खाने वाले हालैंड अपनी शारीरिक ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकते और नियमों के दायरे में रहते हुए एक बार में दो-तीन डिफेंडरों से तो निपट ही लेते हैं। हालैंड अपनी गति, ताकत और गेम में हमेशा ध्यान देने की वजह से इतने खतरनाक हैं, गोल करने के बाद वह ज्यादातर बार योगमुद्रा में बैठकर जश्न मनाते हैं लेकिन फीफा विश्व कप 2026 में इन्होंने वाइकिंग के अंदाज में खास तरीके के जश्न को बढ़ावा दिया।

इतिहास प्रेमी मजाकिया हालैंड

हालैंड नॉर्वे और स्कैंडिनेविया के मशहूर वाइकिंग इतिहास को बहुत मानते हैं। उन्होंने साल 2026 में वाइकिंग इतिहास के बड़े मशहूर लेखकर स्नोरी स्टर्लसन (1179-1241) की लिखी एक ऐतिहासिक महत्व की किताब 13 लाख नार्वेजियन मुद्रा में खरीदकर एक लाइब्रेरी को दान की थी जिससे लोग वाइकिंग इतिहास को और अच्छे से जान सकें। खेल, ट्रेनिंग, डाइट और सोने के नियम बहुत गंभीरता से मानने वाले हालैंड मैच के दौरान और मैच से इतर भी मस्ती-मजाक वाले स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, इसी विश्व कप में उन्होंने सेल्फी लेने आए दो अमेरिकी प्रशंसकों को अपना परिचय इंटरनेट मीडिया स्टार और यही काम करने वाले अपने साथी का परिचय फुटबालर के रूप में देते हुए उन्हें बहुत देर तक भ्रमित किया था।

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