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आजादी की लड़ाई लड़ने वाली हीरोइन, दर्जी से था प्यार फिर कर ली शादी; कभी दादी तो कभी मां बनकर जीता दिल

Published: Sun, 11 Oct 2026 03:14 PM (IST)

हिंदी सिनेमा की वेटरन एक्ट्रेस दीना पाठक ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अलग तरीके से लड़ाई लड़ी थी।

वेटरन एक्ट्रेस दीना पाठक (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)

वेटरन एक्ट्रेस दीना पाठक (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)

HighLights

  1. ब्रिटिश शासन के खिलाफ उठाई थी आवाज

  2. 80 साल की उम्र में हुआ था दीना का निधन

  3. इन फिल्मों के लिए मशहूर रही थीं दीना पाठक

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दीना पाठक हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अदाकाराओं में शुमार रही थीं। फिल्मी करियर के अलावा भारत की आजादी के लिए आवाज उठाने के लिए भी दीना को जाना जाता था। आइए जानते हैं कि कैसे वेटरन एक्ट्रेस ने अंग्रेजी शासन की नींव को हिलाकर रख दिया था। 

रंगमंच के माध्यम से हिलाई ब्रिटिश हुकूमत की नींव

4 मार्च 1922 को जन्मीं दीना पाठक (Dina Pathak) का पुराना सरनेम (शादी से पहले) गांधी था। छात्र जीवन से ही दीना के तेवर काफी तीखे और तेजतर्रार थे। बचपन में उनके पिता उन्हें एक गर्ल्स स्कूल में पढ़ाना चाहते थे, लेकिन अपनी जिद के कारण उन्होंने गर्ल और ब्वॉयस दोनों के लिए बने स्कूल में एडमिशन लिया।

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इसके बाद कॉलेज में राजनीतिक सक्रियता के कारण उनको कई बार बाहर निकाला गया था, लेकिन फिर भी दीना ने हार नहीं मानी थी और वह ब्रिटिश शासन के विरोध में तमाम तरह के आंदोलनों से जुड़ी रहीं।

दीना सिर्फ एक दमदार अभिनेत्री नहीं बल्कि, देश की आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत की जड़ों को हिलाने वाली एक अलग तरह की क्रांतिकारी के तौर पर भी दीना पाठक को जाना जाता था। अंग्रेजी शासन के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए दीना ने उस दौर में रंगमंच को अपना माध्यम बनाया था और उनके नाटकों में भारत की आजादी की छवि देखने को मिलती थी। रंगमंच के नाटकों के दम पर दीना ने देश की आजादी की लड़ाई में अपनी भागीदारी दी थी।

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जननाट्य आंदोलन के जरिए दीना पठाक ने अपनी आवाज को बुलंद किया। जिसमें सबसे अधिक योगदान उनके गुजराती लोकनाट्य शैली भवई का रहा था। इसके माध्मम से अभिनेत्री ने अंग्रेजों के गुलाम देशवासियों में भीतर सामाजिक और राजनीतिक चेतना जगाने का काम किया था और आजादी की चिंगारी को हवा दी थी।

बड़ी बहन से मिली प्रेरणा

दरअसल दीना पाठक के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी बड़ी बहन शांता गांधी क, जो भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की क्लासमेट थीं। शांता भी इंदिरा के साथ-साथ कदम से कदम मिलाते हुए उन दिनों में राजनीतिक कामों में पूरी तरह से सक्रिय रही थीं और उनको देखकर दीना पाठक में भी कुछ कर गुजरने का जज्बा जागा था।

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दीना पाठक की लोकप्रिय फिल्में

एक वेटरन एक्ट्रेस के तौर पर दीना पाठक ने लंबे समय तक हिंदी सिनेमा में राज किया। इस दौरान उन्होंने बड़े पर्दे पर कभी मां तो कभी दादी बनकर कई लोकप्रिय किरदार अदा किए थे। उनकी पॉपुलर मूवीज के बारे में बात की जाए तो उनकी लिस्ट इस प्रकार है-

  • सत्यकाम

  • मौसम

  • भूमिका

  • इजाजत

  • राजा बाबू

  • गोलमाल

  • खूबसूरत

  • उमराव जान

  • राजा बाबू

  • देवदास

दर्जी संग रचाई थी शादी

आपको बता दें कि दीना पाठक ने बलदेव पाठक संग शादी रचाई थी। वह एक दर्जी थे, जो हिंदी सिनेमा के फिल्मी सितारों के कपड़ों की सिलाई किया करते थे। मालूम हो कि दीना पाठक की दो बेटियां भी हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियां हैं, जिनके नाम रत्ना पाठक और सुप्रिया पाठक हैं। रत्ना अभिनेता नसीरूद्दीन शाह की पत्नी हैं और सुप्रिया सुपरस्टार शाहिद कपूर के पिता पंकज कपूर की दूसरी पत्नी हैं।

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