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मां की मौत से टूटा एक्टर, निर्वस्त्र होकर बीच पर किया मेडिटेशन... बॉलीवुड करियर छोड़ बन गया Osho का 'माली'

Published: Sun, 08 Feb 2026 11:17 AM (IST)Updated: Sun, 08 Feb 2026 11:19 AM (IST)

हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज अभिनेता जो अपने शानदार अभिनय और हैंडसम पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते थे, उन्होंने करियर ...और पढ़ें

करियर के पीक पर बॉलीवुड छोड़ संन्यासी बना था एक्टर। फोटो क्रेडिट- एक्स

करियर के पीक पर बॉलीवुड छोड़ संन्यासी बना था एक्टर। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा में ऐसे कई सितारे आए जिन्होंने अपार सफलता हासिल करने के बावजूद ग्लैमर की दुनिया को गुडबाय कह दिया। किसी ने अभिनय छोड़ बिजनेस में हाथ आजमा लिया तो कोई संन्यासी बन गया। आज हम आपको एक ऐसे ही अभिनेता के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने करियर के पीक पर आकर इंडस्ट्री छोड़ दी और संन्यास ले लिया।

यह अभिनेता अपने दौर के सबसे सफल अभिनेताओं में से एक थे। न केवल अभिनय, बल्कि उनकी पर्सनैलिटी की भी खूब तारीफ होती थी। एक के बाद एक हिट फिल्में देने के बाद जब उनका करियर पीक पर था, तब पर्सनल लाइफ में कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद वह अध्यात्म की शरण में चले गए।

ओशो की शरण में चले गए थे विनोद खन्ना

यह अभिनेता कोई और नहीं बल्कि विनोद खन्ना (Vinod Khanna) हैं। विनोद खन्ना अपना हिट करियर छोड़ ओशो (Osho) की शरण में चले गए थे। उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने अभिनेता से जुड़े कई राज खोले। उन्होंने बताया कि आखिर वह कौन सा दर्द था जिसने उन्हें फेम-नेम और दौलत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

Vinod Khanna Photo

बचपन से ही अध्यात्म से था विनोद का जुड़ाव

स्क्रीन के मुताबिक, कविता खन्ना ने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी एख वीडियो में बताया कि विनोद बचपन से ही बहुत आध्यात्मिक थे। जब वह सिर्फ 17 साल के थे, तब उन्होंने 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ योगी' किताब खरीदी थी। उस वक्त उन्हें भी नहीं पता था कि जिस बुक स्टोर में वह किताब खरीदने गए थे, वहां ओशो भी थे।

मां की मौत से टूट गए थे विनोद खन्ना

कविता खन्ना ने आगे बताया कि विनोद ने अपना ध्यान पूरी तरह उस वक्त अध्यात्म की ओर लगा दिया, जब एक के बाद उनके घर में मौत का सिलसिला शुरू हुआ। उन्होंने कहा, "जिस मटेरियल लाइफ को वह जी रहे थे, उन्हें जो प्यार और सफलता मिल रही थी... उन्होंने यह सब छोड़ने का मन तब बनाया, जब दो साल के अंदर परिवार में कई मौतें हुईं। खासकर, जब उनकी मां गुजर गईं तो वह ओशो के पास गए और संन्यास ले लिया।"

Vinod Khanna Osho

ओशो के माली थे विनोद खन्ना

विनोद खन्ना ओरेगन भी गए और ओशो के लिए माली का काम करते थे। यह एक सेवा जैसा था। बहुत कम लोगों के पास ओशो के घर का एक्सेस था और विनोद उनमें से एक थे। यही नहीं, वह ओशो के लिए मॉडल की तरह भी थे। जो भी डिजाइनर कपड़े ओशो के लिए आते थे, वो सबसे पहले विनोद ही चेक करते थे क्योंकि दोनों का साइज एक जैसा था।

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चौपाटी बीच में बिना कपड़ों के किया मेडिटेशन

कविता खन्ना ने आगे बताया कि कैसे विनोद निर्वस्त्र होकर मुंबई के बीच पर मेडिटेशन भी करते थे। उन्होंने कहा, "जब वह पुणे आश्रम में जाने से पहले मुंबई में थे, तब भी वह बॉम्बे के चौपाटी बीच पर मेडिटेशन करते थे जो इस हलचल भरे शहर के ठीक बीच में है। सब लोग अपने कपड़े उतार देते थे और वे बीच पर एक घेरे में निर्वस्त्र होकर मेडिटेशन करते थे।"

Vinod Khanna

कविता ने बताया, "मुझे पता है कि विनोद वहां सिर्फ फिजिकल पार्ट के लिए नहीं गए थे, मुझे लगता है कि उनकी यात्रा एक आध्यात्मिक यात्रा थी जिसमें बहुत ज्यादा कमिटमेंट और भक्ति थी।" बता दें कि पांच साल बाद ही संन्यास छोड़ विनोद खन्ना ने इंडस्ट्री में वापसी कर ली थी।

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