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एक शर्ट की अदला-बदली ने बनाया Guru Dutt- Devanand को बनाया जिगरी दोस्त, पूरा किया सालों पहले निभाया वादा

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:47 PM (IST)

साल 1947 में एक धोबी की गलती से देव आनंद और गुरु दत्त की शर्ट बदल गई, जिसने उनकी दोस्ती की नींव रखी।

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एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। साल 1947 में दोनों अपने करियर के शुरुआती स्ट्रगल के दौरान संघर्ष कर रहे थे। देवानंद (Devanand) हम एक हैं में लीड एक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। गुरुदत्त (Guru Dutt) उसी फिल्म में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर और कोरियोग्राफर का काम देख रहे थे।

एक धोबी की गलती से हुई दोस्ती

इस दौरान एक इत्तेफाक ऐसा हुआ कि दोनों जिस लॉन्ड्री में अपने कपड़े धुलने के लिए देते थे वो धोबी एक था। लेकिन उस दिन धोबी की एक गलती ने दोनों के बीच दोस्ती की ऐसी मजबूत कड़ी कायम की जिसकी आज भी मिसाल दी जाती है।

Guru (1)

दरअसल धोबी ने गुरुदत्त की शर्ट देवानंद के घर और देवानंद की शर्ट गुरुदत्त के घर पहुंचा दी। दोनों इतने मशगूल रहा करते थे कि एक-दूसरे की शर्ट पहनकर ही काम पर निकल गए। जब देव आनंद स्टूडियो पहुंचे, तो गुरु दत्त की नजर उनकी शर्ट पर पड़ी। देव ने भी गुरु दत्त की कमीज देखी और दोनों को समझने में देर नहीं लगी कि कपड़े बदल गए हैं।

इस छोटी-सी गलती पर दोनों बाद में खूब हंसे और यहीं से दोस्ती की शुरुआत हुई। उस दिन दोनों ने एक दूसरे के साथ एक वादा भी किया। वादा ये था कि अगर देव कभी निर्माता बने तो गुरु दत्त को निर्देशन का मौका देंगे और अगर गुरु दत्त ने कई फिल्म बनाई तो वो उसमें देवानंद को हीरो के तौर पर लेंगे।

Guru (2)

दोनों ने निभाया अपना वादा

देव आनंद ने अपना वादा निभाया। उन्होंने नवकेतन फिल्म्स की ‘बाजी’ (1951) के निर्देशन की जिम्मेदारी गुरु दत्त को सौंपी। यही फिल्म गुरु दत्त के निर्देशक के रूप में करियर का बड़ा मोड़ बनी। बाजी गुरुदत्त के लिए पर्सनली भी बहुत लकी साबित हुई क्योंकि यहीं पर उनकी मुलाकात गीता दत्त से हुई थी जिनसे बाद में उन्होंने शादी की। गीता दत्त ने इसमें तबदीर से बिगड़ी हुई तकदीर गाना गाया था जोकि जबरदस्त हिट साबित हुआ। दोनों ने साल 1953 में शादी कर ली थी।

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