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    Sanjay Leela Bhansali ने कर्तव्य पथ पर उतारा सिनेमा, Republic Day की परेड में दिखाई 'भारत गाथा'

    Updated: Mon, 26 Jan 2026 01:47 PM (IST)

    Republic Day 2026: भारत का 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देश के साथ-साथ सिनेमा जगत के लिए भी खास बन गया क्योंकि कर्त्तव्य पथ पर अपनी भव्य फिल्मों के लिए पहच ...और पढ़ें

    कर्तव्य पथ पर सिनेमा लेकर आए संजय लीला भंसाली

    कर्तव्य पथ पर सिनेमा लेकर आए संजय लीला भंसाली 

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 77वां गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक पल बन गया जब फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर 'भारत गाथा' थीम के तहत एक विशेष झांकी पेश की।

    भंसाली ने रचा इतिहास

    कर्तव्य पथ पर झांकी पेश करने के साथ ही एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही, भंसाली ने इतिहास रच दिया और सबसे प्रतिष्ठित समारोहों में से एक में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय फिल्म निर्देशक बन गए।

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    इस झांकी ने सिनेमा को भारत की बड़ी कहानी कहने की परंपरा के भीतर रखा। 'भारत गाथा' के तहत तैयार की गई यह झांकी सिनेमा को सिर्फ एक कला रूप या मनोरंजन माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि भारत की कहानियां सुनाने की सदियों पुरानी परंपरा के एक शक्तिशाली विस्तार के रूप में प्रस्तुत करती है। एक ऐसी परंपरा जो लोककथाओं और महाकाव्यों से लेकर थिएटर, संगीत और आखिरकार सिनेमा की वैश्विक भाषा तक पहुंची है।

     

    संजय लीला भंसाली को हुआ गर्व

    इस मौके पर संजय लीला भंसाली ने कहा, 'भारत गाथा थीम के तहत गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा और क्रिएटर्स कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करके मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर इस झांकी को बनाना भारत की अमर कहानियों और उन्हें फिर से बताने की सिनेमा की ताकत को एक श्रद्धांजलि थी।

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    उन्होंने कहा, 'यह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के भारतीय कहानी कहने की कला को दुनिया तक ले जाने और सिनेमा को भारत की सबसे मजबूत सांस्कृतिक आवाजों में से एक के रूप में मनाने के विजन को दिखाता है'।

    संजय लीला भंसाली को ही क्यों चुना गया

    भंसाली की मौजूदगी को एक सही चुनाव माना गया। इस दौर के एक ऐसे दुर्लभ फिल्म निर्माता जो राज कपूर, वी. शांताराम और महबूब खान जैसे सिनेमा के दिग्गजों की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत गाथा के जरिए, गणतंत्र दिवस परेड ने भारत की सभ्यतागत कहानी कहने की परंपरा में सिनेमा की जगह को फिर से पक्का किया, जो एक आधुनिक माध्यम है जो भारत की अमर कहानियों की आत्मा को दुनिया तक ले जाता है। इस झांकी के म्यूजिक को श्रेया घोषाल ने आवाज दी है।

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