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वो दिग्गज एक्टर जिसके लिए राजामौली ने बदली स्क्रिप्ट, Aamir Khan के बने खास; कहानी 'महाभारत' के 'अश्वत्थामा' की

Published: Fri, 07 Aug 2026 03:58 PM (IST)

एक एक्टर की काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें फिल्म में कास्ट करने के लिए एसएस राजामौली (SS Rajamouli) ने स्क्रिप्ट ही बदल दी।

बॉलीवुड के दिग्गज खलनायक की कहानी। फोटो क्रेडिट- एक्स

बॉलीवुड के दिग्गज खलनायक की कहानी। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जबलपुर में जन्मा एक बच्चा किसे पता था कि आर्मी ऑफिसर बनने का ख्वाब छोड़ अभिनेता बन जाएगा। हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के उम्दा अभिनेता प्रदीप रावत (Pradeep Rawat) की। 21 जनवरी 1952 को जन्मे प्रदीप कभी पिता की तरह आर्मी में जाना चाहते थे।

उन्होंने आर्मी ऑफिसर बनने की तैयारी भी की, लेकिन सिलेक्शन न हो सका। फिर उन्होंने बैंक में नौकरी की। जब दिल नहीं लगा तो सोचा कि चलो थिएटर किया जाए और बस यहां उनका एक यादगार सफर शुरू हुआ।

महाभारत के अश्वत्थामा बनकर हुए मशहूर

आज प्रदीप रावत 'गजनी' में खलनायक गजनी धर्मात्मा के किरदार के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनका सफर 80 के दशक से ही शुरू हो गया था। उनकी पहली फिल्म 1985 में आई फिल्म 'मेरी जंग' (Meri Jung) थी। छोटे से रोल में उन्होंने दर्शकों का ध्यान खींचा, मगर स्टारडम बीआर चोपड़ा के पौराणिक शो 'महाभारत' (Mahabharat) ने दिलाया।

Pradeep Rawat Actor

लगान ने दिलाया था स्टारडम

1988 में आए 'महाभारत' में प्रदीप रावत ने द्रोणाचार्य के बेटे और योद्धा 'अश्वत्थामा' (Ashvatthama) की भूमिका निभाई थी। इस किरदार में प्रदीप रावत छा गए थे। इसके बाद उन्हें एक के बाद एक कई फिल्में मिलीं। 'महाभारत' के बाद प्रदीप रावत के करियर की टर्निंग प्वॉइन्ट वाली एक और फिल्म रही और वह थी 2001 में आई 'लगान' (Lagaan)।

आमिर खान के थे करीबी दोस्त

आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'लगान' में 'देवा सिंह सोढ़ी' की भूमिका निभाई। फिल्म में उनकी छोटी सी भूमिका ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस फिल्म के बाद वह आमिर के खास दोस्त ही नहीं बने, बल्कि साउथ सिनेमा तक उन्हें कास्ट करने की होड़ सी लग गई।

राजामौली की फिल्म में हुए थे कास्ट

कहा जाता है कि 'लगान' देखने के बाद ही राजामौली के असिस्टेंट ने प्रदीप रावत को कास्ट करने के लिए उनका ऑडिशन लेने का सोचा। यह फिल्म थी नितिन और जेनेलिया की Sye। कैसे भी करके प्रदीप को कॉन्टैक्ट किया गया और उन्हें हैदराबाद ऑडिशन देने के लिए बुलाया गया।

Pradeep Rawat

एक बार इंटरव्यू में एक्टर ने इस बारे में बताया था कि कैसे वह लास्ट कलाकार थे, जिन्होंने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था। उससे पहले साउथ और बॉलीवुड से जुड़े करीब 20-25 कलाकारों ने ऑडिशन दे दिया था।

राजामौली ने बदल दी थी स्क्रिप्ट

ऑडिशन देखकर राजामौली ने उन्हें तुरंत कास्ट कर लिया। फिल्म में उनका रोल एक कॉलेज स्टूडेंट का था, लेकिन वह उस रोल में फिट नहीं हो रहे थे। तब राजामौली ने सिर्फ प्रदीप के लिए फिल्म की कहानी बदल दी थी और उनके लिए खलनायक वाला रोल लिखा। प्रदीप के लिए यह बहुत बड़ी बात थी। फिल्म में उनका किरदार बिक्शु यादव (Bikshu Yadhav Role In Sye) यादगार बन गया।

Pradeep Rawat In Ghajini

इसके बाद प्रदीप रावत ने 2005 में बनी तमिल फिल्म 'गजनी' में काम किया। वह इसके हिंदी रीमेक 'गजनी' में भी नजर आए और उनका किरदार छा गया। साउथ और बॉलीवुड में सालों तक अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ने के बाद हाल ही में 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने यादगार किरदारों के जरिए सिनेमा में उनका नाम अमर हो गया है।

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