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76 साल पहले Mohammad Rafi ने गाया था ऐसा विज्ञापन गीत, लोग रेडियो पर सुनने के लिए करते थे घंटो इंतजार

Published: Wed, 19 Aug 2026 05:06 PM (IST)Updated: Wed, 19 Aug 2026 08:03 PM (IST)

76 साल पहले मोहम्मद रफी ने बर्मा शेल के केरोसिन तेल के लिए एक विज्ञापन गीत गाया था, जिसे लोग रेडियो पर सुनने के लिए घंटों इंतजार करते थे।

मोहम्मद रफी ने गाया था विज्ञापन गीत

मोहम्मद रफी ने गाया था विज्ञापन गीत

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जब भी हम मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) का नाम सुनते हैं तो हमारे मन में रोमांटिक गाने, देशभक्ति गीत या दर्दभरे नग्में गूंजने लगते हैं। उनकी मखमली आवाज सीधा लोगों के दिलों तक पहुंचती थी।

लेकिन क्या आप विश्वास करेंगे कि जिस रफी साहब ने अपने गानों से पूरे देश का मनोरंजन किया उन्होंने कभी मिट्टी के तेल के प्रचार के लिए एक विज्ञापन गीत गाया था।

सालों पहले गाया था रेडियो विज्ञापन

जी हां, 1940 से 50 के दौर में बर्मा शेल (Burmah shell) नाम की कंपनी ने अपनी केरोसिन तेल की बिक्री बढ़ाने के लिए रफी साहब से गाना गवाया था। ये खासतौर पर एक रेडियो ऐड सॉन्ग था।

Rafi (11)

इस प्रसिद्ध विज्ञापन गीत के बोल थे — 'घर घर में मुस्काए रोशनी, और अंधेरा हाथ मले'। दरअसल उस दौर में भारत के कई हिस्सों में खाना पकाने के लिए लकड़ी या उपलों का इस्तेमाल होता था। उस समय केरोसिन लोगों के लिए नया था और महंगा भी।

बर्मा शेल घर-घर ये विज्ञापन पहुंचाना चाहती थी ताकि लोगों को लकड़ी से तेल पर स्विच किया जा सके। उस समय प्रचार का एकमात्र साधन रेडियो था। उस दौर में वो एक ऐसी आवाज की तलाश में थे जो सीधा लोगों के दिलों में उतर जाए।

 

सुनने के लिए लाइन में खड़े हो जाते थे लोग

मोहम्मद रफी के पास भी जब ये ऑफर आया तो उन्होंने उसे किसी भी देशभक्ति गीत की तरह पूरी उर्जा, मिठास और उत्साह के साथ गाया। इस विज्ञापन को सुनते ही लोग झूम उठते थे। इस विज्ञापन का असर ये हुआ कि लोग इसे सुनने के लिए रेडियो पर इंतजार करने लगे। रफी साहब की बहुमुखी प्रतिभा की यही खासियत है कि वो एक विज्ञापन को भी उतनी ही शिद्दत देते थे जितना किसी फिल्मी गाने को।

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