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    'वो जो तकलीफें...' क्यों अगले जन्म में लड़का बनना चाहती थीं Lata Mangeshkar? इमोशनल है वजह

    Updated: Fri, 27 Mar 2026 06:28 PM (GMT+05:30)

    लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था और उन्होंने भारतीय संगीत में अपार सफलता पाई। हालांकि, उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, जिसमें बचपन में पिता को खोना ...और पढ़ें

    लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में हुआ निधन (फोटो-इंस्टाग्राम)

    लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में हुआ निधन (फोटो-इंस्टाग्राम)

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। महान प्लैबैक सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar)  ने भारत में फिल्म संगीत को एक नई परिभाषा दी थी। सात दशक से अधिक के करियर में उन्होंने 30,000 से अधिक गाने गाए। उनका जन्म 28 सितंबर, 1929 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ। उनके पिता का नाम दीनानाथ मंगेशकर था।

    लता सात साल की उम्र तक इंदौर में ही रहीं और फिर उनका परिवार महाराष्ट्र चला गया उनका पहले नाम हेमा मंगेशकर था। लता ने बहुत ही कम उम्र में ही भारतीय संगीत जगत में एक बड़ी हस्ती का दर्जा हासिल कर लिया था। पांच दशकों से अधिक के अपने करियर में लगातार हिट गाने देने के साथ लता की लोकप्रियता समय के साथ बढ़ती ही गई। 6 फरवरी, 2022 को 92 वर्ष की आयु में मंगेशकर का निधन हो गया।

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    लता ने अपने जीवन में कई दुख झेले

    लता मंगेशकर का जीवन संघर्ष और दुखों से भरा रहा। उन्होंने कम उम्र में पिता का साया खोने के बाद सबसे बड़ी बेटी होने के नाते परिवार की जिम्मेदारी उठाई। उन्हें 5 साल की उम्र में भयंकर चेचक हुआ, जिससे उनकी जान पर बन आई थी। खबर तो ये भी है कि 1963 में उन्हें स्लो प्वाइजन दिया गया, जिससे वह 3 महीने बिस्तर पर रहीं और उनकी आवाज जाने का डर था।

    Lata (1)

    पुनर्जन्म पर एक्ट्रेस को था विश्वास?

    लता ने यूं तो खूब नाम कमाया लेकिन एक इंटरव्यू में पुनर्जन्म पर बात करते हुए उनका ये दुख साफ झलक गया। लता मंगेशकर ने कहा था कि वो अगले जन्म में लड़का बनना चाहती हैं। लता ने कहा, ”हम लोग हिंदू हैं और हम लोग पुनर्जन्म में मानते हैं। अगर वाकई पुनर्जन्म होता है तो भगवान करे मुझे पुनर्जन्म न मिलें और अगर उसको पुनर्जन्म देना है तो भारत में ही दे। महाराष्ट्र में ही दे। छोटे से घर में ही दें और लड़की नहीं लड़का बनाकर दे।”

    लता ने क्या बताई थी इसकी वजह?

    कई प्रशंसकों को उनका यह बयान थोड़ा अजीब लगा क्योंकि लता मंगेशकर ने अपनी पूरे जीवन में अपार सफलता हासिल की थी और उन्हें सभी पीढ़ियों में सम्मान प्राप्त था। हालांकि, उनके शब्दों से यह संकेत मिलता है कि उनका जीवन उतना आसान नहीं था जितना बाहर से दिखता था। ऐसा ही मिलता-जुलता बयान लता ने कवि और लिरिसिस्ट जावेद अख्तर को दिए इंटरव्यू में दिया था। लता ने कहा, "अगर जन्म मिले भी तो मैं लता मंगेशकर बनना नहीं चाहूंगी।"

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    जब अख्तर ने उनसे कारण पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि उनके जीवन में आई कठिनाइयों को केवल वही जानती हैं। इससे ये साफ होता है कि लता जी भले ही बाहर से इतनी खुश नजर आती थीं, जीवन भर उन्होंने खूब मान और सम्मान कमाया लेकिन भीतर से वो बहुत दुखी थीं।

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