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    इम्तियाज अली की Tamasha देखने के बाद कई लोगों ने छोड़ दी नौकरी, डायरेक्टर बोले - 'मैं खुद को कसूरवार मानता...'

    Updated: Sat, 30 May 2026 11:03 AM (GMT+05:30)

    इम्तियाज अली की फिल्म 'तमाशा' ने कई युवाओं को अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया है। निर्देशक इम्तियाज अली इस पर थोड़ी ...और पढ़ें

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अपनी रिलीज के एक दशक से अधिक समय बाद भी, दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की फिल्म 'तमाशा' (Tamasha) यंग ऑडियंस के बीच खूब पसंद की जाती है। अभी तक रिलीज हुई बहुत कम बॉलीवुड फिल्में ही वो स्थान हासिल करने में सफल हो पाई हैं।

    साल 2015 में रिलीज हुई इस रोमांटिक ड्रामा को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, बाद में इसे कल्ट फिल्म का दर्जा मिला। सेल्फ-डिस्कवरी और अपेक्षाओं से मुक्ति पाने जैसे विषयों की वजह से यंग जेनरेशन के बीच ये बहुत फेमस है।

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    फिल्म देखकर लोगों ने छोड़ी नौकरी

    पिछले कई सालों में इस तरह की खबरें आई थीं कि कैसे इस फिल्म ने उन्हें अपनी 9 टू 5 की कॉर्पोरेट नौकरियों के बजाय अपने सपनों को जीने के लिए प्रेरित किया और कई लोगों ने अपने सपने पूरे करने के लिए नौकरी छोड़ दी। निर्देशक इम्तियाज अली को इस तरह का प्रभाव डालने पर गर्व तो है, लेकिन साथ ही उन्होंने चिंता भी जाहिर की।

    Tamasha

    इम्तियाज अली को क्यों लगा बुरा?

    बोमन ईरानी के राइटर कनवेंशन, स्पाइरल बाउंड में हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए उन्होंने न्यूज 18 को बताया, “मुझे बहुत बुरा लग रहा है। हाल ही में मैं बोमन ईरानी के स्पाइरल बाउंड नाम के राइटर कनवेंशन में गया था और उन्होंने इसे बहुत ही शानदार तरीके से आयोजित किया था। वहां कई नए लेखक मौजूद थे। उनमें से कई मेरे पास आए और मुझे बताया कि तमाशा देखने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अब वे लेखक बन गए हैं। मेरे मन में सबसे पहला ख्याल यही आया कि मैं उनकी सफलता की कामना करता हूं।”

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    Deepika (35)

    निर्देशक को हुआ जिम्मेदारी का अहसास

    फिल्म निर्माता ने बताया कि ऐसी कहानियां सुनकर उन्हें जिम्मेदारी का एहसास होता है। उन्होंने कहा कि अगर तमाशा से प्रभावित होकर जीवन में बड़े बदलाव लाने वाले फैसले लेने वालों का भविष्य अच्छा नहीं रहा तो उन्हें अपराधबोध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी इसका प्रभाव सिर्फ व्यक्तियों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे कहीं अधिक बड़ा हो जाता है।

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