Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Asha Bhosle का 58 साल पुराना गीत आज भी है आईकॉनिक, क्या आपकी भी प्लेलिस्ट का है हिस्सा?

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 09:23 PM (IST)

    लीजेंडरी सिंगर आशा भोसले के वैसे तो कई सॉन्ग्स आईकॉनिक है लेकिन उनका 58 साल पुराना गीत आज भी आईकॉनिक बना हुआ है। आइए जानते हैं कौन सा है वो गाना? ...और पढ़ें

    आशा भोंसले का ये गाना आज भी है आईकॉनिक

    आशा भोंसले का ये गाना आज भी है आईकॉनिक

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। लीजेंडरी सिंगर आशा भोसले ने भारतीय सिनेमा को कई आईकॉनिक और यादगार गाने दिए हैं। कई गीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं इन्हीं में से एक है 58 साल पुराना गीत जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा रहता है और उनकी प्लेलिस्ट का हिस्सा भी है।

    यूट्यूब पर मिले 27 मिलियन व्यूज

    आशा भोसले के इस गाने को आज भी YouTube पर काफी सुना जाता है। जहां इस गाने को 27 मिलियन से ज्यादा व्यूज पार हो गये हैं। इस गाने में आशा भोसले के साथ शमशाद बेगम ने आवाज दी थी। इस गाने के लिरिक्स एस.एच बिहारी हैं। यह गाना 1968 में रिलीज हुई फिल्म किस्मत का है। अब तक शायद आप समझ गए होंगे कि किस गाने की बात की जा रही है।

    asha

    यह भी पढ़ें- Rajesh Khanna के लिए लकी चार्म रहा था ये सिंगर, 92 फिल्मों के 245 गानों को दी थी मधुर आवाज

    कौन सा गाना है ये?

    ये गाना 58 साल पहले 1968 में रिलीज हुई फिल्म किस्मत का है। जिसके बोल हैं- कजरा मोहब्बत वाला (Kajra Mohabbat Wala)। इसके गीतकार एस एच बिहारी थे और संगीतकार ओ पी नैय्यर हैं. यह एक युगल गीत है जिसे बिस्वजीत और बबीता पर फिल्माया गया है।

    asha (3)

    आशा भोसले लीजेंडरी गायिका लता मंगेशकर की बहन हैं और मंगेशकर परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हिंदी के अलावा, उन्होंने 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में गीत गाए हैं। उन्होंने फिल्म माई में एक अभिनेत्री के रूप में अपनी शुरुआत की, जिसमें उनके काम को क्रिटीक्स की सराहना भी मिली।

    खबरें और भी

    asha (4)

    आशा भोसले के गीतों में मिलने की तुम कोशिश करना, पर्दा हटा दो, मुझे नौलखा मंगा दे रे, राधा कैसे ना जले, ये वादा रहा, धूप में ना निकला करो, जरा सा झूम लूं मैं जैसे सदाबहार गीत शामिल हैं।

    यह भी पढ़ें- Explainer: किशोर-रफी की सादगी से बादशाह की 'फूहड़ता' तक कैसे पहुंचा संगीत? सुरों के पतन की पूरी कहानी