'9-5 में खुश नहीं था...' Aparshakti Khurana ने एक महीने में छोड़ दी थी नौकरी, आज हैं मल्टी-टैलेंटेड स्टार
रेडियो से करियर की शुरुआत करने वाले अपारशक्ति खुराना (Aparshakti Khurrana) अभिनय, होस्टिंग और संगीत तीनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं। वे इसे चुनौतीपूर्ण ...और पढ़ें

मल्टी टैलेंटेड हैं अपारशक्ति खुराना

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दीपेश पांडेय, मुंबई। स्त्री, लुका छुपी तथा बर्लिन फिल्मों के अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने रेडियो और थिएटर में काम करने के बाद हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई। अभिनेता आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) के भाई अपारशक्ति भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। अब वह अभिनय के साथ-साथ होस्टिंग और
संगीत जगत में भी काफी काम करते हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने को लेकर वह कहते हैं, ‘एक ही जिंदगी में सब कुछ कर जाने की चाहत ही मुझे अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करती है। अभिनय के साथ-साथ होस्टिंग और संगीत में भी काम करना चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन मजा भी आता है। संगीत तो मेरे दिल को छूने वाली चीज है। हर किसी की जिंदगी में परिस्थितियां ऊपर-नीचे होती रहती हैं। कोई भी इससे बच नहीं पाया है।
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बुरे वक्त में मदद करता है संगीत
जब मेरी जिंदगी में कोई खराब दिन चल रहा होता है, तो मैं संगीत के पास जाता हूं। गाने सुनना, लिखना, उनका संगीत बनाना, मुझे खुशी देता है'। यह सब उस बुरे दिन या वक्त से बाहर निकलने में मदद करते हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे ये सब करने का मौका मिल रहा है। इससे बड़ी बात यह है कि दर्शक मेरे इन सारे कामों को स्वीकार कर रहे हैं। उसके लिए उनका शुक्रगुजार हूं।’
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ज्यादा प्लानिंग नहीं करता- अपारशक्ति खुराना
सभी चीजों के बीच ज्यादा समय और प्राथमिकता देने पर अपारशक्ति कहते हैं, ‘यह तो परिस्थितियों पर निर्भर करता है। मैं अपने जीवन में बहुत ज्यादा योजनाएं बनाकर नहीं चलता हूं कि क्या करना है और क्या नहीं। मेरी जिंदगी में जो भी आता है, जो चीजें फ्लो में होती रहती हैं, वो करता जाता हूं। फिर वह एक्टिंग का काम हो, होस्टिंग या संगीत से जुड़ा कोई काम हो। ईमानदारी से बताऊं तो मैं बहुत खुश हूं कि मुझे मुंबई जैसे व्यस्त शहर में सारी चीजें करने का मौका मिल रहा है, जहां बहुत कम ही लोगों को अपने मन का काम करने काम मौका मिल पाता है।’
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जीवन के किताब का कौन सा पन्ना कभी लोगों ने सामने नहीं लाना चाहेंगे?
इसके जवाब में अपारशक्ति कहते हैं, ‘अपनी पिछली फिल्म जब खुली किताब में मैंने वकील की भूमिका निभाई थी। मैंने स्वयं भी कानून की पढ़ाई की है और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता था। मेरी जिंदगी में वो करीब एक साल का जो प्रैक्टिस का दौर था, अपनी जिंदगी के उन पन्नों को मैं बिल्कुल भी नहीं खोलना चाहूंगा। मुझे लगता है कि मैं उस चीज के लिए बना ही नहीं था। अगर किसी काम में आपका मन नहीं लगता है, फिर भी रोजाना 15-18 घंटे उसमें लगाते हैं, तो भी उसमें अच्छे परिणाम नहीं मिलते हैं। जब आप उस काम से खुश नहीं हैं, तो आपका बॉस कभी आपकी तारीफ नहीं करेगा'।
एक महीने में ही छोड़ दी थी नौकरी
जॉब छोड़कर एक्टिंग चुनने के बारे में अपारशक्ति कहते हैं, 'मैं अक्सर कहता हूं कि मैंने 21-22 साल की उम्र में नौकरी करना शुरू कर दिया था और एक साल बाद छोड़ दिया था। उसके बाद कभी नौकरी करने नहीं गया हूं। इसका कारण है कि अब जो (अभिनय, होस्टिंग और गायन) मैं कर रहा हूं, वो मुझे कभी काम नहीं लगता है। मुझे लगता है कि मैं अपनी पूरी जिंदगी यही करने के लिए भूखा था। इस इंडस्ट्री में मैं लगातार 48 घंटे भी काम कर सकता हूं, फिर भी बिना किसी शिकायत के आ सकता हूं। जब मैं रेडियो या थिएटर में भी कम करता था, तब भी इसी आत्मसंतुष्टि के साथ घर आता था कि मैं वो कर रहा हूं, जिसमें मुझे खुशी मिलती है।’