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80 शेर सुनाए, महीनों तक हुआ रिजेक्ट... तब जाकर बनी Jagjit Singh की ये अमर गजल; आंखें नम कर देता है कल्ट गाना

Published: Wed, 15 Jul 2026 07:37 PM (IST)

दिग्गज सिंगर जगजीत सिंह (Jagjit Singh) ने कई कल्ट गाने गाए, लेकिन 'गजल मैस्ट्रो' का एक गाना ऐसा था जो ...और पढ़ें

जगजीत सिंह का वो कल्ट गाना जो 80 बार हुआ रिजेक्ट

जगजीत सिंह का वो कल्ट गाना जो 80 बार हुआ रिजेक्ट

HighLights

  1. जगजीत सिंह के उस कल्ट गाने का किस्सा

  2. गीतकार फैज अनवर ने 80 शेर सुनाए थे

  3. अनुभव सिन्हा ने महीनों तक गजल रिजेक्ट की

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर ऐसे गाने बनते हैं, जिनकी कहानियां हमें याद रह जाती हैं और कुछ गाने ऐसे बने जो सीधा हमारे दिलों में घर कर गए। आज हम आपको उन्हीं में से एक ऐसे गाने की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसको बनने में काफी वक्त लगा, लेकिन जगजीत सिंह द्वारा गाया हुआ यह गाना आज भी आंखों को नम कर देता है और इस गीत को सुनने को बाद आपको अपने प्रेमी की याद जरूर आएगी।

कौन सा है वह गाना?

दरअसल आज जिस गीत की हम बात कर रहे हैं, वह गीत असल में साल 2000 में आई फिल्म तुम बिन का है। अब यूं तो इस फिल्म के सभी गाने सुपरहिट रहे थे, लेकिन फिल्म के इस गान की बात की कुछ और थी और इस गाने का नाम है 'कोई फरियाद' (Koi Fariyaad)। जी हां, जगजीत सिंह की आवाज में गाया हुआ यह गीत आज भी कल्ट क्लासिक गीतों में से एक है। इस गाने को फैज अनवर ने लिखा था।

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वहीं गाने का संगीत निखिल-विनय ने तैयार किया था। गाने के बोल ऐसे लिखे, जो वाकई में दिलों को छलनी कर देते हैं और ऊपर से जगजीत सिंह (Jagjit Singh) की आवाज ने इसे सदाबहार बना दिया। हालांकि गाने के बनने के पीछे की कहानी बेहद अलग थी।

80 शेर सुनाए तब बना ये कल्ट गाना

दरअसल इस गाने को फैज अनवर (Faaiz Anwar) ने लिखा था, लेकिन उन्होंने इसके लिए 80 शेर तक लिखे थे तब जाकर ये गाना बना। खुद फिल्म को डायरेक्ट करने वाले अनुभव सिन्हा ने यह किस्सा साझा किया था। इंडिया टुडे की हिंदी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) ने बताया था कि उन्होंने फिल्म की पूरी कहानी और सीन्स को फैज अनवर को बता और समझा दिया और कहा कि वह इस पर एक गजल लिखें।

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इसके बाद उन्होंने फोन पर ही गजलें लिखना शुरू किया। फैज जो गजल सुनाते उसे अनुभव रिजेक्ट कर देते और ये सिलसिला महीनों तक चला। इसके बाद फिर एक दिन अचानक से अनुभव सिन्हा के पास फैज अनवर ने फोन किया और एक शेर सुनाया कि, एक लम्हे में सिमट आया है सदियों का सफर, जिंदगी तेज बहुत तेज चली हो जैसे।

इसके बाद फैज ने बताया कि कि उन्होंने ये 80वां शेर था, जो उन्होंने अनुभव को सुनाया था और फिर जाकर ये गजल लिखी गई।

जगजीत सिंह (Jagjit Singh Songs) की आवाज और फैज अनवर के शब्दों ने इस गजल को अमर कर दिया। गाने में संदली सिन्हा, प्रियांशू चटर्जी नजर आए और इसके अलावा इसका हिस्सा हिमांशु मलिक और राकेश बापट भी इसमें नजर आए। फिल्म से चारों स्टार्स ने डेब्यू किया और यह फिल्म हिट रही और सबसे ज्यादा इस फिल्म के गाने हिट रहे थे।

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